रतिया नगर पालिका में विकास कार्यों पर उठे सवाल, पार्षदों ने दी तालाबंदी की चेतावनी
फतेहाबाद जिले की रतिया नगर पालिका में वर्ष 2022 से अब तक हुए विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। पार्षदों ने नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी सचिव शुभम को एक ज्ञापन सौंपकर इस अवधि के दौरान हुए सभी टेंडरों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया नगर पालिका में इन दिनों विकास कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर पालिका के पार्षदों ने वर्ष 2022 से लेकर अब तक हुए तमाम विकास कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्षदों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में हुए कार्यों का ब्यौरा मांगने के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा रही है, जिसके चलते जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है।
इस मामले को लेकर पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) शुभम से मिलने पहुंचा था। हालांकि, मौके पर अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण पार्षदों ने अपना ज्ञापन उनकी मेज पर ही छोड़ दिया। पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि वे शहर में हो रहे निर्माण कार्यों और उन पर खर्च की जा रही सरकारी राशि के सही उपयोग को लेकर जवाबदेही चाहते हैं।
रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
पार्षदों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में वर्ष 2022 से वर्तमान समय तक के सभी टेंडरों का पूरा विवरण मांगा गया है। इसमें मुख्य रूप से विकास कार्यों के स्थान, उन पर खर्च की गई कुल धनराशि, कार्य को अंजाम देने वाली संबंधित कंपनी या ठेकेदार का नाम और कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी शामिल है। पार्षदों का कहना है कि जनता के पैसे का हिसाब रखना प्रशासन का कर्तव्य है, लेकिन बार-बार आग्रह करने के बाद भी फाइलों को दबाया जा रहा है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पार्षदों ने कहा कि यदि समय रहते जानकारी साझा नहीं की गई, तो यह भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने मांग की है कि सभी टेंडरों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए ताकि शहर की जनता को यह पता चल सके कि उनके वार्डों में कितना और कैसा काम हुआ है।
27 जुलाई से तालाबंदी की चेतावनी
पार्षदों ने प्रशासन को एक सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 24 जुलाई 2026 तक मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो वे कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। पार्षदों ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 27 जुलाई 2026 से नगर पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर दी जाएगी और अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान होने वाली किसी भी प्रशासनिक असुविधा या काम में बाधा के लिए पार्षदों ने सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि वे शहर के विकास के प्रति गंभीर हैं और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर दबाव
इस घटनाक्रम के बाद रतिया नगर पालिका प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। एक तरफ जहां पार्षदों का गुट एकजुट होकर जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अब प्रशासन को 24 जुलाई की समय सीमा के भीतर अपना रुख स्पष्ट करना होगा। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग भी विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नगर पालिका प्रशासन पार्षदों की मांग के अनुसार रिकॉर्ड सार्वजनिक करता है या फिर मामला और अधिक तूल पकड़ेगा। फिलहाल, रतिया नगर पालिका कार्यालय में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सभी की निगाहें 27 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!