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ग्वालियर में 70 फर्जी पासपोर्ट का भंडाफोड़: एसटीएफ ने आरोपी गया प्रसाद को किया गिरफ्तार

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मध्य प्रदेश ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 70 फर्जी पासपोर्ट बनवाने के बड़े रैकेट में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ भोपाल की टीम ने इस मामले में 6वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
ग्वालियर में 70 फर्जी पासपोर्ट का भंडाफोड़: एसटीएफ ने आरोपी गया प्रसाद को किया गिरफ्तार
मूल स्रोत

फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह पर एसटीएफ का शिकंजा

मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ग्वालियर में चल रहे एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए छठे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट बनवाने का काम कर रहा था। अब तक की जांच में करीब 70 पासपोर्ट फर्जी तरीके से बनवाए जाने की पुष्टि हुई है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गया प्रसाद गौतम के रूप में हुई है, जो ग्वालियर के भितरवार क्षेत्र के बनवार गांव का निवासी है। एसटीएफ भोपाल की टीम ने गहन छानबीन के बाद उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया है कि गया प्रसाद इस पूरे नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी था, जो पासपोर्ट बनवाने वाले आवेदकों के लिए फर्जी गवाह बनने का काम करता था।

भंते की आड़ में रची गई साजिश

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी गया प्रसाद ने 2019 में बौद्ध धर्म अपनाया था और 2021-22 के दौरान वह डबरा स्थित अंबेडकर पार्क में भंते के रूप में रहने लगा था। इसी दौरान उसने एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां उसकी मुलाकात मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी से हुई। इसी मुलाकात के बाद उसने मैत्तानंद के इशारे पर अवैध गतिविधियों में शामिल होना शुरू किया।

आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। वह बिना किसी पूर्व परिचय के भी पासपोर्ट आवेदकों के निवास पते की फर्जी तस्दीक करता था। डबरा से जारी किए गए 17 फर्जी पासपोर्ट के मामलों में वह इकलौता गवाह पाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सुनियोजित तरीके से गिरोह की मदद कर रहा था।

एक ही पते पर बने दर्जनों पासपोर्ट

एसटीएफ की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिन भी लोगों के पासपोर्ट इस गिरोह ने बनवाए, उन सभी के पते में एक ही स्थान 'सिमरिया टेकड़ी, डबरा, जिला ग्वालियर' दर्ज था। एक ही पते का बार-बार इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि गिरोह ने पासपोर्ट कार्यालय के सत्यापन तंत्र को चकमा देने के लिए एक संगठित तरीका अपना रखा था।

इस मामले में एसटीएफ ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी विषयक अधिनियम और भारतीय नागरिकता अधिनियम की संबंधित धाराओं को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है।

आगे की जांच और सुरक्षा चुनौतियां

एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। यह मामला न केवल धोखाधड़ी का है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है क्योंकि इसमें विदेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट दिलाने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां तक फैले हुए हैं और इसमें और कौन-कौन से अधिकारी या बिचौलिए शामिल हो सकते हैं।

आरोपी गया प्रसाद की गिरफ्तारी से इस रैकेट के कई और राज खुलने की उम्मीद है। एसटीएफ की टीम अब उन सभी 70 पासपोर्टों की बारीकी से जांच कर रही है जो इस गिरोह के माध्यम से जारी किए गए थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि जांच का दायरा अब बढ़ता जा रहा है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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