गोरखपुर: नौकरी का झांसा देकर युवक के नाम पर खोला बैंक खाता, 1.75 करोड़ का हुआ संदिग्ध लेनदेन
जालसाजों ने पीड़ित की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया था। जब युवक को धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उसने थाने में शिकायत की।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नौकरी के नाम पर रची गई बड़ी साजिश
गोरखपुर में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर एक युवक के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पीड़ित को झांसे में लेकर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया और फिर उसका इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए किया। जब पीड़ित को अपने खाते से 1.75 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली, तो उसके होश उड़ गए।
पीड़ित रमेश सहानी, जो शाहपुर थाना क्षेत्र के बिछिया जंगल तुलसीराम का निवासी है, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कुछ लोगों ने उसे बेहतर नौकरी का सपना दिखाया था। इसी विश्वास में आकर उसने आरोपियों के कहने पर यूपी ग्रामीण बैंक में अपना खाता खुलवाया। इसके बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से रमेश की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और बैंक से लिंक मोबाइल सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की घेराबंदी और आरोपियों की गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने के बाद शाहपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस को 22 सितंबर की रात सूचना मिली कि इस धोखाधड़ी में शामिल आरोपी शहर से फरार होने की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 9 के पास घेराबंदी की और दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष निषाद और अभिषेक जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 7 सिम कार्ड और 5 बैंक पासबुक बरामद की हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है जो लोगों को शिकार बनाकर बैंक खातों का दुरुपयोग करता है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
शाहपुर थाना प्रभारी अंजय कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआत में इस मामले में चार लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद मामले में धारा 112(2) और 61(2) जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी और दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।
इस मामले ने एक बार फिर साइबर अपराध और बैंकिंग धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों को उजागर किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन में आकर अपने बैंक खाते का एक्सेस दूसरों को न दें, क्योंकि इसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!