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मुरैना में मानसून की सुस्त चाल: पिछले साल के मुकाबले बारिश में भारी कमी

मुरैना जिले में मानसून की सक्रियता के बावजूद बारिश का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी पीछे है। 1 जून से 8 जुलाई के बीच जिले में औसत से 235.1 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

9 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 719
मुरैना में मानसून की सुस्त चाल: पिछले साल के मुकाबले बारिश में भारी कमी
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मानसून की धीमी शुरुआत और बारिश का आंकड़ा

मुरैना जिले में मानसून ने दस्तक तो दे दी है, लेकिन बारिश की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। भू-संसाधन प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 8 जुलाई 2026 तक जिले में औसतन 111.5 मिमी वर्षा ही दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले काफी चिंताजनक है, क्योंकि पिछले साल इस दौरान 346.6 मिमी बारिश हुई थी। इस प्रकार, जिले में अब तक 235.1 मिमी की भारी कमी बनी हुई है।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का वितरण भी असमान रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जौरा तहसील में अब तक सबसे अधिक 206 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, अंबाह क्षेत्र में मानसून की मेहरबानी सबसे कम रही है, जहां केवल 59.1 मिमी वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है। अन्य क्षेत्रों में कैलारस में 140 मिमी, पोरसा में 127.5 मिमी, मुरैना में 76.4 मिमी और सबलगढ़ में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

पोरसा में हुई अच्छी बारिश, किसानों को राहत की उम्मीद

बीते बुधवार को जिले के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। विशेष रूप से पोरसा क्षेत्र में एक ही दिन में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने स्थानीय स्तर पर जलभराव और राहत की स्थिति पैदा की। इसके अलावा अंबाह में 14.6 मिमी, मुरैना में 14.4 मिमी, जौरा में 14 मिमी और कैलारस में 8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से लंबे समय से उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली है।

कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ फसलों की बोवनी के लिए किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। हालिया बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे बोवनी की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है, तो फसलों की स्थिति में सुधार होगा।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान और भविष्य की स्थिति

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मानसून की गतिविधियों में सुधार के संकेत दिए हैं। वैज्ञानिक संदीप तोमर के अनुसार, बारिश के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और वातावरण में ठंडक घुली है। विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह मौसम बने रहने और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

हालांकि वर्तमान में बारिश का कुल आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी कम है, लेकिन मानसून के सक्रिय होने से प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है। यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो जिले की औसत वर्षा के आंकड़ों में सुधार हो सकता है और जल संकट की आशंका भी कम हो जाएगी। फिलहाल, किसान और प्रशासन दोनों ही मानसून की अगली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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