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महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर सियासत तेज: जानिए क्या है TET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का नियम और राहुल गांधी का हमला

महाराष्ट्र TET परीक्षा पेपर लीक के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच TET परीक्षा के नियम, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई है। जानिए आखिर TET क्या है, इसे पास करना क्यों जरूरी है और कोर्ट ने शिक्षकों के लिए क्या निर्देश दिए हैं।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor in chief

28 जून 20262 मिनट पढ़ें 448
महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर सियासत तेज: जानिए क्या है TET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का नियम और राहुल गांधी का हमला

महाराष्ट्र TET पेपर लीक के बाद फिर सवालों के घेरे में परीक्षा व्यवस्था महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होने के बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। विपक्ष ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाए हैं।

क्या है TET परीक्षा?

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (Teacher Eligibility Test-TET) एक पात्रता परीक्षा है, जिसके माध्यम से यह तय किया जाता है कि कोई अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के योग्य है या नहीं। इस परीक्षा को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने वर्ष 2010 में अनिवार्य किया था। केंद्र सरकार CTET आयोजित करती है, जबकि प्रत्येक राज्य अपनी-अपनी State TET परीक्षा कराता है।

TET को लेकर क्या हैं नियम?

NCTE ने पहले नियुक्त शिक्षकों को TET पास करने के लिए पांच वर्ष का समय दिया था, जिसे बाद में चार वर्ष कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ कई राज्यों में अदालतों का रुख किया गया। जून 2025 में मद्रास हाईकोर्ट की बेंच ने कहा था कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने हेतु TET पास करना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन पदोन्नति के लिए TET आवश्यक रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें नौकरी जारी रखने और पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। निर्धारित समय तक परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को इस्तीफा देना होगा या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) का सामना करना पड़ सकता है।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

महाराष्ट्र TET पेपर लीक के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक और परीक्षा का पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनके अनुसार यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य की चोरी है।

बार-बार पेपर लीक से बढ़ी चिंता

पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त सुधार नहीं किए गए तो युवाओं का भरोसा व्यवस्था से लगातार कमजोर होता जाएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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