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कानपुर में 100 मिमी बारिश से बेहाल शहर: 116 जगहों पर जलभराव, नगर निगम ने विभागों को घेरा

Kanpur waterlogging after 100mm rain. शहर में 116 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां अलग-अलग विभागों के निर्माण कार्यों की वजह से जलभराव और डाट नाला धंसने जैसी समस्याएं सामने आईं। सभी विभागों की सूची तैयार कर ली गई है और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 357
कानपुर में 100 मिमी बारिश से बेहाल शहर: 116 जगहों पर जलभराव, नगर निगम ने विभागों को घेरा
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भारी बारिश के बाद कानपुर में जलभराव की गंभीर स्थिति

कानपुर में शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। करीब 100 मिमी बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके पानी में डूब गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि शहर में 116 ऐसे संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां जलभराव की समस्या सबसे अधिक रही।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलभराव की यह समस्या केवल प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि शहर में चल रहे विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों ने इसे और विकराल बना दिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर डाट नाला धंसने और निर्माण सामग्री के कारण जल निकासी बाधित हुई है। निगम ने अब इन सभी संबंधित विभागों की एक विस्तृत सूची तैयार कर ली है ताकि भविष्य में जवाबदेही तय की जा सके।

निर्माण कार्यों के कारण बिगड़े हालात

प्रशासनिक समीक्षा में सामने आया है कि मेट्रो निर्माण, केस्को की हाईटेंशन लाइन बिछाने का काम और जल निगम की खुदाई वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा रही। नगर आयुक्त ने मेट्रो अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त मोटर पंप तैनात करें। उन्होंने कहा कि नाला सफाई का कार्य समय पर पूरा किया गया था और मुख्य नालों से सिल्ट भी निकाली गई थी, लेकिन निर्माण कार्यों के मलबे ने पूरी व्यवस्था को विफल कर दिया।

जूही खलवा पुल जैसे क्षेत्रों में, जहां हर साल बारिश में पानी भरने की समस्या रहती है, वहां इस बार नगर निगम ने अतिरिक्त मोटर पंप लगाए हैं। नगर आयुक्त के अनुसार, शनिवार को इन मोटरों के संचालन का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और पानी की निकासी में तेजी आई है।

नगर निगम का कंट्रोल रूम और भविष्य की कार्ययोजना

आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर निगम ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। शुक्रवार को ही इस कंट्रोल रूम को जलभराव से जुड़ी 80 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रशासन अब ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक नई कार्ययोजना पर काम कर रहा है।

भविष्य की रणनीति के तहत, नगर निगम अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाने की कोशिश कर रहा है। नगर आयुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य करने वाली एजेंसियों को अब जल निकासी की जिम्मेदारी भी उठानी होगी। शहर में जलभराव वाले 116 स्थानों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि मानसून के अगले दौर में लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जलभराव की स्थिति में कंट्रोल रूम के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। नगर निगम का दावा है कि आने वाले दिनों में स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए टीमें लगातार फील्ड में तैनात रहेंगी और जल निकासी के अवरोधों को हटाया जाएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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