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जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, दो की हालत में सुधार

Jodhpur Ummed Hospital cesarean delivery complications medical report. जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इनमें से 2 मरीज की स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

20 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 961
जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, दो की हालत में सुधार
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जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच प्रसूताओं की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मरीजों के स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखी है। ताजा जानकारी के अनुसार, इनमें से दो प्रसूताओं की हालत में सुधार दर्ज किया गया है, जिसके बाद उन्हें आईसीयू से एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में स्थानांतरित कर दिया गया है।

अस्पताल प्रशासन ने जारी किया स्वास्थ्य बुलेटिन

डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने प्रसूताओं की स्थिति को लेकर आधिकारिक बुलेटिन जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान उपचार के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आईसीयू में भर्ती पांच मरीजों में से दो की स्थिति में सुधार होने के कारण उन्हें बेहतर देखभाल के लिए एचडीयू में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में तीन मरीज अभी भी आईसीयू में चिकित्सकों की देखरेख में हैं।

प्रिंसिपल डॉ. जोधा ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती किसी भी प्रसूता की मृत्यु नहीं हुई है। सभी मरीजों का इलाज वरिष्ठ चिकित्सकों की एक विशेष टीम द्वारा किया जा रहा है और उनके परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी अपडेट नियमित रूप से दिए जा रहे हैं।

एक मरीज की स्थिति अभी भी गंभीर

आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों में से एक की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। सामू नामक इस मरीज को 24 जून को गर्भाशय और पेशाब की थैली फटने की जटिलताओं के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में वह वेंटिलेटर पर है और उसका डायलिसिस भी किया जा रहा है। चिकित्सा टीम उसकी स्थिति पर लगातार बारीक नजर बनाए हुए है।

इसके अतिरिक्त, महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक अन्य मरीज, जिसे मिसमैच ब्लड ट्रांस्फ्यूजन की समस्या हुई थी, उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसका डायलिसिस जारी है। वहीं, एक तीसरी मरीज, जिसे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण किडनी पर असर पड़ने की वजह से 18 जुलाई को उम्मेद अस्पताल से शिफ्ट किया गया था, उसकी स्थिति भी अब स्थिर बताई जा रही है।

उपचार और निगरानी की व्यवस्था

अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रसूताओं को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की कोताही न हो। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे मरीजों की रिकवरी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

इस घटना के बाद से अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद हुई इन जटिलताओं के कारणों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके। फिलहाल, मरीजों के परिजन और अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से रिकवरी पर केंद्रित हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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