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गोपालगंज हिंसा: 358 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले 25 अकाउंट्स पर भी कार्रवाई

Gopalganj Bihar violence suspects list and social media accounts identified for legal action. गोपालगंज पुलिस ने 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उपद्रव में शामिल 358 लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

26 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.5K
गोपालगंज हिंसा: 358 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी, सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले 25 अकाउंट्स पर भी कार्रवाई
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बिहार के गोपालगंज में बीते 25 जुलाई को आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने 358 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से पुलिस ने आम जनता से अपराधियों को पकड़वाने में सहयोग की अपील की है।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर नजर

हिंसा की घटनाओं के अलावा, पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी तेज कर दी है। जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे 25 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित किया है, जिनके जरिए कथित तौर पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाई गई थी। पुलिस ने इन अकाउंट्स के लिंक भी सार्वजनिक कर दिए हैं ताकि इनके संचालकों तक पहुंचा जा सके।

जारी की गई सूची में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर ही इन संदिग्धों की पहचान की गई है।

पुलिस बल और आम नागरिकों पर हुआ था हमला

घटना के विवरण के अनुसार, 25 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हजियापुर चौक, जनसेवा अस्पताल के समीप और अंबेडकर चौक पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। असामाजिक तत्वों ने न केवल निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। इस दौरान कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और आम नागरिकों व मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया।

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि पुलिस ने घटना के दिन की फोटोग्राफी और वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया है। इस प्रक्रिया में उपद्रवियों के चेहरों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने से अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा और उनकी गिरफ्तारी में आसानी होगी।

पहचान बताने वालों को मिलेगा इनाम

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे इन तस्वीरों में दिख रहे किसी भी व्यक्ति को पहचानते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा, सटीक जानकारी देने वाले नागरिकों को उचित इनाम भी दिया जाएगा।

फिलहाल, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की जांच टीम लगातार अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन सभी लोगों को कानून के दायरे में लाना है जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हिंसा को बढ़ावा दिया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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