ब्रेकिंग
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनतंत्र की बड़ी जीत: अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal hails Education Minister Dharmendra Pradhan resignation as major democratic victory in India. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

25 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 657
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनतंत्र की बड़ी जीत: अरविंद केजरीवाल
click here

लोकतंत्र की जीत करार दिया केजरीवाल ने

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे देश के लोकतंत्र की एक बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का लंबा संघर्ष आखिरकार रंग लाया है और सरकार को जनता की आवाज के आगे झुकना पड़ा है। केजरीवाल ने इस घटनाक्रम को जनतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा है।

केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ समय से आम जनता का व्यवस्था से भरोसा कम हो गया था, क्योंकि सरकारें लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इस्तीफा साबित करता है कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि है और सरकार को अंततः जनभावनाओं का सम्मान करना ही पड़ता है।

परीक्षा प्रणाली में सुधार की उम्मीद

आम आदमी पार्टी के संयोजक ने उम्मीद जताई कि अब सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से दुरुस्त करेगी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अब ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जहां पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी परिस्थितियों के कारण आत्महत्या जैसा कदम न उठाना पड़े।

उन्होंने युवाओं और जेन-जी पीढ़ी को उनके धैर्य और संघर्ष के लिए बधाई दी। केजरीवाल के अनुसार, जनता का लगातार दबाव ही वह कारण बना जिसके चलते सरकार को अपने अहंकार को त्यागकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।

संजय सिंह और मनीष सिसोदिया की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार केवल दो बार ही जनता के दबाव में झुकी है। उन्होंने कहा कि पहला मौका किसानों का आंदोलन था और दूसरा यह युवाओं का संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक हर आंदोलन को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास किया है, लेकिन इस बार उसे पीछे हटना पड़ा।

पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने वह कर दिखाया है जो कुछ दिन पहले तक असंभव लग रहा था। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं पर कुछ दिन पहले तक लाठियां बरसाई जा रही थीं, आज उन्हीं युवाओं की ताकत ने सरकार को अपने मंत्री को हटाने पर मजबूर कर दिया है।

आगे की राह और जवाबदेही

विपक्ष का मानना है कि केवल इस्तीफा ही काफी नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। एनटीए के अधिकारियों पर की गई कार्रवाई को भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है।

यह घटनाक्रम देश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहा है, जहां युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को सरकार की नीतियों पर भारी माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह बदलाव केवल एक इस्तीफे तक सीमित रहता है या शिक्षा नीति में कोई बड़ा सुधार देखने को मिलता है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें