ब्रेकिंग
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार

दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: वित्त विभाग के 52 अधिकारी स्थानांतरित, 19 को मिली पदोन्नति

दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 52 अधिकारियों का तबादला किया है और 19 अधिकारियों को पदोन्नति दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.4K
दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: वित्त विभाग के 52 अधिकारी स्थानांतरित, 19 को मिली पदोन्नति
click here

दिल्ली सरकार ने राज्य के वित्त एवं लेखा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इस बड़े बदलाव के तहत 52 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को पदोन्नति देकर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स के पद पर नियुक्त किया गया है।

स्थानांतरण नीति के तहत कार्रवाई

सरकार द्वारा लागू की गई नई स्थानांतरण एवं पदस्थापन नीति के अनुसार, उन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर बदला गया है जो पिछले पांच वर्षों या उससे अधिक समय से एक ही पद या स्थान पर तैनात थे। इस प्रक्रिया में कुल 52 अधिकारियों को प्रभावित किया गया है, जिनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। इन सभी को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थलों पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली में गतिशीलता लाना है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे रहने से उत्पन्न होने वाली शिथिलता को दूर करने और वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

योग्य अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

स्थानांतरण के साथ-साथ सरकार ने प्रदर्शन के आधार पर 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा भी दिया है। इन अधिकारियों को डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स के पद पर पदोन्नत किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय पर जोर देते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन में लापरवाही या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि योग्य और निष्ठावान अधिकारियों को नई और बड़ी जिम्मेदारियां दी जा रही हैं ताकि शासन के उच्चतम मानकों को पूरा किया जा सके। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों से उम्मीद की गई है कि वे अपनी नई भूमिका में अधिक सक्रियता से कार्य करेंगे।

सुशासन और जवाबदेही पर जोर

इस प्रशासनिक बदलाव को दिल्ली सरकार के सुशासन के एजेंडे के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि समयबद्ध निर्णय लेने और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से ही नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। वित्तीय मामलों में पारदर्शिता को लेकर सरकार पहले से ही सख्त रुख अपनाए हुए है और यह फेरबदल उसी नीति का एक हिस्सा है।

आने वाले समय में विभाग के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए पदस्थापन का लाभ आम जनता और सरकारी तंत्र को मिल रहा है या नहीं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपने नए कार्यालयों में कार्यभार संभालें ताकि विभागीय कामकाज में कोई बाधा न आए।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें