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अजमेर की आनासागर झील पर सियासी घमासान: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, सफाई अभियान और बंद की तैयारी

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील में लगातार हो रही मछलियों की मौत और झील की बदहाल स्थिति अब पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। एक ओर शहर कांग्रेस ने झील की दुर्दशा, दुर्गंध और पर्यावरणीय संकट को लेकर 23 जुलाई को अजमेर बंद का आह्वान किया है, तो दूसरी ओर भाजपा ने भी मोर्चा संभाल लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

21 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
अजमेर की आनासागर झील पर सियासी घमासान: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, सफाई अभियान और बंद की तैयारी
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आनासागर झील का संकट बना राजनीतिक मुद्दा

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील इन दिनों न केवल पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, बल्कि यह शहर की राजनीति का केंद्र बिंदु भी बन गई है। झील में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत और फैलती दुर्गंध को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों दलों ने अलग-अलग कार्यक्रम घोषित कर दिए हैं।

विपक्षी दल कांग्रेस ने झील की दुर्दशा के विरोध में 23 जुलाई को 'अजमेर बंद' का आह्वान किया है। वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है और झील की सफाई के लिए स्वयं मोर्चा संभाल लिया है।

मछलियों की मौत पर भाजपा का अजीब तर्क

झील में मर रही मछलियों के कारणों पर भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने एक नया तर्क दिया है। उन्होंने दावा किया कि मछलियों की मौत का कारण प्रदूषण नहीं, बल्कि उनकी बढ़ती उम्र है। हाड़ा के अनुसार, चार साल पहले झील में मत्स्य पालन का ठेका बंद कर दिया गया था, जिससे मछलियों की संख्या पर नियंत्रण खत्म हो गया।

उन्होंने तर्क दिया कि झील में क्षमता से अधिक मछलियां हो गई हैं और अब वे अपनी प्राकृतिक आयु पूरी कर रही हैं, जिसके कारण उनकी मौत हो रही है। भाजपा का मानना है कि पहले ठेकेदार समय-समय पर बड़ी मछलियों को निकाल लेते थे, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहता था।

भाजपा का तीन दिवसीय स्वच्छता अभियान

भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने कांग्रेस द्वारा बुलाए गए बंद को नकारात्मक राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि बंद से आम जनता और गरीब वर्ग को परेशानी होती है। इसके जवाब में भाजपा ने 22 से 24 जुलाई तक आनासागर झील में तीन दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की घोषणा की है।

इस अभियान की शुरुआत बुधवार सुबह छह बजे पुरानी चौपाटी से होगी। इसमें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और विधायक अनिता भदेल सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भाजपा ने कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व को भी इस सफाई कार्य में सहयोग देने का निमंत्रण दिया है।

झील के पुनर्जीवन के लिए सरकारी योजनाएं

झील में गंदे पानी की आवक को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। रमेश सोनी ने बताया कि 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का काम चल रहा है। इससे भविष्य में झील में दूषित पानी मिलने की समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।

इसके अलावा, नीरी (NEERI) की रिपोर्ट के आधार पर 12 करोड़ रुपये की डिसिल्टिंग योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना के तहत झील और उससे जुड़े जलाशयों की गाद निकालने का कार्य किया जाएगा, जिससे झील का जलस्तर और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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