कान्हा में 150 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी, सीएम मोहन यादव ने किया पुनर्स्थापन
कान्हा में 150 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी, बालाघाट जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चार जंगली भैंसों को बाड़े में छोड़कर पुनर्स्थापन योजना की शुरुआत की। वे सुबह करीब 9:15 बजे यहां पहुंचे और 9:30 बजे कार्यक्रम पूरा हुआ। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से गढ़ी के टोपला पहुंचे, जहां से सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
ये जंगली भैंसे असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर कान्हा लाए गए हैं। इस पहल के जरिए सरकार मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के साथ-साथ ‘व्हाइट बफेलो स्टेट’ के रूप में भी पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में यहां गैंडों के पुनर्स्थापन की भी योजना है, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता और मजबूत होगी।
वन विभाग की “जंगली भैंसा पुनर्स्थापन योजना” के तहत यह कदम उठाया गया है। बताया गया कि 1960-70 के दशक तक इस क्षेत्र में जंगली भैंसे पाए जाते थे, लेकिन समय के साथ वे समाप्त हो गए। करीब 150 साल बाद उनकी वापसी को पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि जंगली भैंसों की वापसी से पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, क्योंकि इसकी एक अहम कड़ी लंबे समय से गायब थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयासों से न सिर्फ पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दल में तीन मादा और एक नर किशोर शावक शामिल है।
