भागलपुर में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हमला, वीडियो आया सामने; मुखिया पति को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 28 गिरफ्तार

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भागलपुर में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हमला, बिहार के भागलपुर जिले में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम पर बुधवार को हमला कर दिया गया। घटना कहलगांव अनुमंडल के सिया पंचायत स्थित बरैनी पोखर की है, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भीड़ उग्र हो गई और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया।

घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें आक्रोशित लोग मुखिया पति को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते नजर आ रहे हैं। वहीं, जेसीबी चालक के साथ भी मारपीट की गई। हिंसा के दौरान सरकारी वाहन को भी निशाना बनाया गया और कार्यपालक दंडाधिकारी की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की भीड़

जानकारी के अनुसार, बरैनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी। मत्स्य विभाग की ओर से पोखर के पुनर्जीवन और मछली पालन के लिए खुदाई कार्य शुरू कराया जा रहा था। प्रशासन की निगरानी में जेसीबी मशीन से मिट्टी हटाने का काम चल रहा था।

इसी बीच वहां मौजूद ग्रामीणों और कुछ स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध उग्र हो गया और भीड़ ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए प्रशासनिक टीम के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया।

वीडियो में दिखी हिंसा, मुखिया पति पर हमला

घटना के वायरल वीडियो में कुछ लोग मुखिया पति को दौड़ाकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। हमले में मुखिया पति गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। वहीं, मौके पर मौजूद जेसीबी ड्राइवर के साथ भी मारपीट की गई।

वीडियो फुटेज में कुछ लोग भीड़ को उकसाते हुए “मारो इसको” कहते सुनाई दे रहे हैं। प्रशासन ने इसे भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने और मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश बताया है।

सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़, अधिकारियों से धक्का-मुक्की

उग्र भीड़ ने कार्यपालक दंडाधिकारी की सरकारी गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, कुछ महिलाओं ने भी लाठी-डंडों के साथ आक्रामक व्यवहार किया और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया गया।

हालात बिगड़ते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

जानिए क्या है पूरा विवाद

दरअसल, जिस सरकारी पोखर को लेकर विवाद हुआ, उसे ग्रामीणों ने भरकर बच्चों के खेलने के लिए मैदान में बदल दिया था। वहीं, मत्स्य विभाग ने उस जमीन को फिर से पोखर के रूप में विकसित कर उसमें मछली पालन शुरू करने का फैसला लिया था।

बिहार सरकार के सात निश्चय अभियान पार्ट-वन के तहत बरैनी पोखर के पुनर्जीवन और जीर्णोद्धार की योजना चलाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह मत्स्य विभाग की भूमि है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जल निकायों को उनके मूल स्वरूप में बनाए रखना आवश्यक है।

ग्राम पंचायत को एनओसी दिए जाने के बाद प्रशासन की निगरानी में पोखर से अतिक्रमण हटाने और खुदाई का कार्य कराया जा रहा था।

ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं के साथ भी मारपीट हुई।

हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि हालात नियंत्रण में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे।

28 लोग गिरफ्तार, इलाके में फ्लैग मार्च

घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संयुक्त कार्रवाई में अब तक 28 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकाला है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवकों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी जारी है।

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