कतरास में देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला इलाका, अवैध कोयला कारोबार को लेकर दो गुटों में 50 राउंड फायरिंग, 3 घायल
कतरास में देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला इलाका, झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में बुधवार देर रात उस समय दहशत फैल गई, जब छाताबाद ग्राउंड के पास अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। रात करीब 1:25 बजे अवैध कोयला कारोबार में वर्चस्व को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर फायरिंग हुई, जिसमें 50 से अधिक राउंड गोलियां चलने की बात सामने आ रही है।
इस अंधाधुंध गोलीबारी में दोनों गुटों के एक-एक सदस्य समेत कुल तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया, जबकि पुलिस प्रशासन ने हालात को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।
50 से ज्यादा राउंड फायरिंग से कांप उठा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात अचानक गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगीं। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका गोलियों की गूंज से थर्रा उठा। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, लेकिन मामला तेजी से बढ़ता गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फायरिंग इतनी ज्यादा थी कि लोग डर के कारण अपने घरों में दुबक गए। रात के सन्नाटे में लगातार चल रही गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गोलीबारी में तीन लोग गंभीर रूप से घायल
इस हिंसक झड़प में तीन लोग गोली लगने से घायल हुए हैं। घायलों में मोहम्मद तौसीफ (39) को कंधे में गोली लगी। गंभीर हालत में पहले उसे स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
वहीं, नीतीश कुमार यादव के पैर में गोली लगी है। उनका निचितपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। तीसरे घायल व्यक्ति का भी उसी अस्पताल में उपचार जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
पुलिस पहुंचने से पहले फरार हुए हमलावर
घटना की सूचना मिलते ही कतरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों गुटों के लोग वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम किया।
देर रात डीएसपी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोका जा सके।
अवैध कोयला कारोबार को लेकर पुरानी दुश्मनी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जिस इलाके में गोलीबारी हुई उसके पास ही एक आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट स्थित है और आसपास लंबे समय से अवैध कोयला खनन और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है।
बताया जाता है कि चोरी का कोयला साइकिल और बाइक के जरिए लाकर छाताबाद और स्वास्तिक टॉकीज के बीच बड़े पैमाने पर जमा किया जाता है। इसके बाद ट्रकों के जरिए विभिन्न इलाकों में सप्लाई की जाती है। इसी अवैध कारोबार पर नियंत्रण और वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है।
पहले भी हो चुकी है खूनी वारदात
यह पहली बार नहीं है जब अवैध कोयला कारोबार को लेकर इलाके में हिंसा हुई हो। पिछले साल मार्च में भी इसी तरह की गैंगवार में मनोज यादव नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में विकास बजरंगी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
अब एक बार फिर हुई गोलीबारी ने इलाके की कानून-व्यवस्था और अवैध खनन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और क्या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है।
