छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट हादसा: 20 लोगों की मौत, कई राज्यों के मजदूर शिकार
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता प्लांट में हुए दुखद हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। यह हादसा इस सप्ताह की एक भयावह औद्योगिक दुर्घटना के रूप में दर्ज हो गया है।
**मुख्य तिथियाँ और घटनाक्रम:**
– बुधवार को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 7 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया
– जिला अस्पताल में 5 शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ
– गुरुवार को 5 मृतकों के परिजन नहीं आ पाने की वजह से उनके शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा
**पीड़ितों की स्थिति:**
इस हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, जिनमें से 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि शेष उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं।
**चिकित्सा उपचार:**
रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं उमेंद्र और क00मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
**मुआवजा घोषणा:**
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा:
– PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए
– छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए
**राजनीतिक प्रतिक्रिया:**
वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायगढ़ के दौरे पर रहेंगे और घायल श्रमिकों से मुलाकात करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
**जांच और कार्रवाई:**
छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
**मानवीय त्रासदी:**
इस हादसे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। एक महिला ने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया है, जबकि उसके ससुर ने भी बुधवार दोपहर दम तोड़ दिया। यह परिवार महज 3 महीने पहले ही एक बेटी खो चुका था।
**सुरक्षा चिंताएं:**
प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के अनुसार, हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है और नियमित सुरक्षा ऑडिट की आवश>यकता को रेखांकित करता है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों, मजदूरों के कल्याण और त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सरकार और प्रबंधन द्व with सभी पीड़ितों के परिवारों को त्वरित मुआवजा और चिकित्सा सहायता प्रदान करने का वादा किया गया है।
