दहेज के लिए प्रताड़ना: 24 वर्षीय इंद्रा विश्नोई ने बाड़मेर में की आत्महत्या
**बाड़मेर में दहेज उत्पीड़न का दर्दनाक अध्याय: एक युवा बहू ने दी जान**
बाड़मेर के सेड़वा थाना क्षेत्र की ढाकों की ढाणी में एक दुखद घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। 24 वर्षीय इंद्रा विश्नोई ने अपने ससुराल में आत्महत्या कर ली, जिसमें उसने सुसाइड नोट में अपने पति, देवर और सास द्वारा दहेज के लिए की जा रही प्रताड़ना का मार्मिक विवरण दिया है।
**घटना का समय और स्थान**
यह दुखद घटना मंगलवार (14 जनवरी 2025) की रात को बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना क्षेत्र की ढाकों की ढाणी में घटी। इंद्रा अपने कमरे में गई थी और जब बुधवार (15 जनवरी 2025) सुबह देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली तो परिजनों ने गेट तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। वहां उन्होंने इंद्रा का शव फंदे से लटका हुआ पाया।
**सुसाइड नोट में दर्द भरी आखिरी बातें**
इंद्रा के सुसाइड नोट में लिखा था – “मेरा पति, देवर और सास, तीनों रोज मुझसे झगड़ा करते हैं। मैं सुसाइड कर रही हूं। हाथ जोड़कर विनती है कि किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं हो।” इस नोट में उसने पति मदन लाल, देवर दिनेश ढाका और सास मानी देवी के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने का सीधा आरोप लगाया है।
**पुलिस कार्रवाई और जांच**
थानाधिकारी प्रभुराम के अनुसार, पुलिस को आज सुबह करीब 9 बजे सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और इंद्रा को फंदे से उतारकर सेड़वा के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सुसाइड नोट और इंद्रा के चाचा वीरदाराम की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौहटन डीएसपी जेठाराम इस मामले की जांच कर रहे हैं।
**परिवार की मार्मिक गवाही**
इंद्रा के चाचा वीरदाराम ने बताया कि सुबह ससुरालवालों का फोन आया कि इंद्रा कमरे के अंदर है और गेट नहीं खोल रही है। जब वे वहां पहुंचे तो पुलिस पहले ही मौके पर पहुंच चुकी थी। उन्होंने देखा कि इंद्रा फंदे से लटकी हुई थी और उसके पैर जमीन से टच हो रहे थे।
वीरदाराम ने कहा, “ससुरालवाले इंद्रा से लड़ते-झगड़ते थे। उसकी शादी आटा-साटा में हुई थी, लेकिन शादी के बाद से उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। हमने कई बार समझाइश भी की थी।”
**तीन साल पहले हुई थी शादी**
इंद्रा के पिता रुगनाथराम ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 3 साल पहले मदन के साथ की गई थी। सूचना मिलते ही वे उसके घर पहुंचे, लेकिन तब तक इंद्रा की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा, “इंद्रा का पति मदन फोटोग्राफी का काम करता है। ससुरालवाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। आखिरकार परेशान होकर बच्ची ने जान दे दी।”
**समाज के लिए गंभीर सवाल**
यह घटना हमारे समाज में दहेज प्रथा की कुप्रथा को एक बार फिर उजागर करती है। एक युवा महिला की जान इस कुप्रथा की भेंट चढ़ गई। इंद्रा की मौत हमारे समाज के लिए एक करारा तमाचा है और यह दिखाती है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई अभी भी कितनी जीवित है।
**आखिरी शब्द**
इंद्रा की आखिरी विनती – “हाथ जोड़कर विनती है कि किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं हो” – हम सभी के लिए एक सीख है। समाज, सरकार और कानून को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
