सीकर तनिष्क शोरूम फायरिंग: 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, दिल्ली तक पहुंची जांच
सीकर के तनिष्क शोरूम में 26 जुलाई की सुबह हुई लूट के प्रयास और फायरिंग के मामले में आज 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। अभी तक आरोपी आईडेंटिफाई नहीं हुए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आठ दिन बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं
राजस्थान के सीकर स्थित तनिष्क शोरूम में हुई फायरिंग और लूट के प्रयास की घटना को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है। 26 जुलाई की सुबह हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस की 14 टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 5,000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसके आधार पर अब जांच की दिशा दिल्ली की ओर मुड़ गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, 26 जुलाई को सुबह करीब 11:30 बजे कुछ बदमाश ग्राहक बनकर शोरूम में दाखिल हुए थे। कुछ देर सामान देखने का नाटक करने के बाद उन्होंने हथियार निकालकर स्टाफ को धमकाना शुरू कर दिया। हालांकि, शोरूम के कर्मचारियों की सतर्कता और सायरन बजने के कारण बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देने में विफल रहे और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
दिल्ली तक पीछा कर रही पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से जयपुर ग्रामीण की ओर निकले थे। वहां से वे एक क्रेटा गाड़ी में सवार होकर दिल्ली की तरफ बढ़ गए। पुलिस को संदेह है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल करने वाले लोग वही हैं, जिन्होंने सीकर में फायरिंग की थी। इस गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग किया गया था, जिससे पुलिस को उन्हें ट्रैक करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जांच के दौरान पुलिस सीकर के खाटूश्यामजी स्थित एक गेस्ट हाउस तक भी पहुंची, जहां बदमाशों ने रुकने के लिए बुकिंग कराई थी। वहां से पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने जो पहचान पत्र और मोबाइल नंबर दिए थे, वे पूरी तरह से फर्जी थे। इस खुलासे ने पुलिस की चुनौती और बढ़ा दी है, क्योंकि बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी।
सीसीटीवी फुटेज ही एकमात्र सुराग
वर्तमान में पुलिस के पास आरोपियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा जरिया सीसीटीवी फुटेज ही है। हालांकि, बदमाश काफी शातिर निकले हैं और वे लगातार कैमरों की नजर से बचते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस की 14 टीमें दिल्ली के विभिन्न इलाकों में दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभावित ठिकाने पर नजर रख रहे हैं।
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि घटना के इतने दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस घटना को लेकर काफी रोष है। पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे, लेकिन फिलहाल जांच किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच पाई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के साथ-साथ मुखबिरों के नेटवर्क को भी सक्रिय कर रही है। दिल्ली पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि उन इलाकों में नजर रखी जा सके जहां बदमाशों के छिपे होने की संभावना है। आने वाले दिनों में पुलिस की टीमें अपनी दबिश का दायरा और बढ़ा सकती हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!