ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में पिता-पुत्र गिरफ्तार: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और अवैध हथियार बरामदनालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: व्हाट्सएप के जरिए लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे ठगीसोनीपत में पराली प्रबंधन के लिए विशेष प्रोटेक्शन फोर्स तैनात, यलो जोन के गांवों पर रहेगी पैनी नजरकरनाल: कबड्डी प्रतियोगिता में दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, धान खरीद में घोटाले का लगाया आरोपभोपाल मास्टर प्लान: सीलिंग से राहत की उम्मीदों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त, ड्राफ्ट से नहीं बदलेगी स्थितिनाबालिग साली से दुष्कर्म के मामले में जीजा को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाधौलपुर के मेधावी छात्रों का 'भारत को जानो' प्रतियोगिता में दबदबा, राज्य स्तर के लिए हुए चयनितनिवाड़ी लूटकांड: यूपी से धरा गया मुख्य आरोपी, 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को मिली कामयाबी
मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में पिता-पुत्र गिरफ्तार: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और अवैध हथियार बरामदनालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: व्हाट्सएप के जरिए लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे ठगीसोनीपत में पराली प्रबंधन के लिए विशेष प्रोटेक्शन फोर्स तैनात, यलो जोन के गांवों पर रहेगी पैनी नजरकरनाल: कबड्डी प्रतियोगिता में दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, धान खरीद में घोटाले का लगाया आरोपभोपाल मास्टर प्लान: सीलिंग से राहत की उम्मीदों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त, ड्राफ्ट से नहीं बदलेगी स्थितिनाबालिग साली से दुष्कर्म के मामले में जीजा को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाधौलपुर के मेधावी छात्रों का 'भारत को जानो' प्रतियोगिता में दबदबा, राज्य स्तर के लिए हुए चयनितनिवाड़ी लूटकांड: यूपी से धरा गया मुख्य आरोपी, 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को मिली कामयाबी

रीवा: आधी रात थानों में सोती मिली पुलिस, कहीं हथकड़ी से बंद मिला गेट तो कहीं मुंशी नदारद

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

27 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
रीवा: आधी रात थानों में सोती मिली पुलिस, कहीं हथकड़ी से बंद मिला गेट तो कहीं मुंशी नदारद
मूल स्रोत

आधी रात को थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रीवा शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर है, वे खुद ही आधी रात को गहरी नींद में सोते पाए गए। एक हालिया पड़ताल में शहर के कई थानों की स्थिति बेहद चिंताजनक सामने आई है। कोतवाली, बिछिया, चोरहटा और विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख थानों में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी सोते हुए मिले, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गए हैं।

पड़ताल के दौरान कोतवाली थाने का मुख्य चैनल गेट अंदर से हथकड़ी लगाकर बंद पाया गया। काफी मशक्कत के बाद जब आरक्षक ने गेट खोला, तो अंदर मुंशी टेबल पर ही सोते हुए मिले। इसी तरह की स्थिति चोरहटा और विश्वविद्यालय थाने में भी देखी गई, जहां पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के बजाय नींद पूरी करते नजर आए।

पुलिस का अजीब तर्क: 'शराबियों से लगता है डर'

जब इन पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान सोने और गेट बंद रखने का कारण पूछा गया, तो उनके जवाब हैरान करने वाले थे। विश्वविद्यालय और चोरहटा थाने के कर्मचारियों ने तर्क दिया कि रात के समय शराबी और असामाजिक तत्व थाने में घुसकर हमला कर सकते हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से गेट अंदर से बंद करना पड़ता है। यह तर्क पुलिस की कार्यप्रणाली और उनकी सुरक्षा तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े करता है।

बिछिया थाने में मुंशी कूलर की हवा में गहरी नींद लेते हुए मिले। वहीं, नया बस स्टैंड पुलिस चौकी का नजारा और भी गंभीर था, जहां चौकी का मुख्य गेट ही बंद था और अंदर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे संवेदनशील स्थान पर पुलिस की अनुपस्थिति किसी भी बड़ी अनहोनी को न्योता देने जैसी है।

आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा?

पुलिस थाना 24 घंटे जनता की सेवा के लिए होता है। सड़क दुर्घटना, चोरी, मारपीट या किसी भी आपात स्थिति में फरियादी सबसे पहले थाने की ओर ही रुख करता है। यदि रात के समय थाना ही अंदर से बंद हो और पुलिसकर्मी सो रहे हों, तो पीड़ित व्यक्ति को समय पर मदद मिलना असंभव है। यह लापरवाही न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी तोड़ती है।

रीवा में हाल के दिनों में चोरी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस की सक्रियता और रात्रि गश्त की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि पुलिस खुद ही अपनी सुरक्षा को लेकर डरी हुई है या ड्यूटी के प्रति लापरवाह है, तो शहर में अपराधों पर अंकुश लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

निरीक्षण की कमी और जवाबदेही का संकट

जानकारों का मानना है कि थानों में इस तरह की लापरवाही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण न किए जाने का परिणाम है। यदि समय-समय पर थानों की औचक जांच की जाए, तो पुलिसकर्मियों में अनुशासन बना रहता है। एक ही रात में कई थानों में एक जैसी तस्वीरें सामने आना यह दर्शाता है कि रात्रि ड्यूटी को लेकर विभाग में गंभीरता का अभाव है।

अब देखना यह है कि इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। क्या इन लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कोई विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या फिर यह मामला फाइलों में दब जाएगा? जनता अब जवाबदेही और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद कर रही है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें