ब्रेकिंग
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार
ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलेंजयपुर में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन: यूजीसी रोल बैंक समेत विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट तक रैलीनूंह जलाभिषेक यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, फरीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनातवाराणसी: एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर ठगों ने खुलवाए बैंक खाते, 4.55 लाख का हुआ संदिग्ध ट्रांजेक्शनपूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रवेश का अंतिम दौर: बीए एलएलबी की सीटें फुल, एलएलएम में अभी भी मौकाराजस्थान SI भर्ती 2021: री-एग्जाम में अब केवल 2.25 लाख अभ्यर्थी ही होंगे शामिलबालोतरा में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब: कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम बेचने वाले दो गिरफ्तारइंदौर के कैंसर अस्पताल में राहत: अब आधी कीमत पर होगी PET स्कैन जांच, लीनियर एक्सीलेटर के लिए करना होगा इंतजार

ग्वालियर नगर निगम में फिर बहाल हुए राजीव सोनी: हादसे के 9 दिन बाद ही मिली नई जिम्मेदारी

नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। निगमायुक्त संघ प्रिय द्वारा जारी नई तबादला सूची में भवन अधिकारी राजीव सोनी की दोबारा तैनाती चर्चा का विषय बनी हुई है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor in chief

31 जुलाई 2026 अपडेट 2 दिन पहले3 मिनट पढ़ें 551
ग्वालियर नगर निगम में फिर बहाल हुए राजीव सोनी: हादसे के 9 दिन बाद ही मिली नई जिम्मेदारी
click here

ग्वालियर नगर निगम प्रशासन एक बार फिर अपने फैसलों को लेकर चर्चाओं में है। निगमायुक्त संघ प्रिय द्वारा हाल ही में जारी की गई तबादला सूची ने शहर के प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस सूची में सबसे अधिक चर्चा भवन अधिकारी राजीव सोनी की वापसी को लेकर हो रही है, जिन्हें महज नौ दिन पहले ही एक दुखद हादसे के बाद उनके पद से हटा दिया गया था।

क्या था पूरा मामला?

बीते 22 जुलाई को ग्वालियर के गुड़ागुड़ी नाका क्षेत्र में एक जर्जर दीवार गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों को लेकर तीखे सवाल खड़े हुए थे। जन आक्रोश को देखते हुए निगम प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भवन अधिकारी राजीव सोनी को उनके पद से हटा दिया था। उस समय इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा गया था।

हालांकि, नौ दिन के भीतर ही उनकी वापसी ने इस पूरी कार्रवाई की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। आलोचकों का मानना है कि जिस अधिकारी को लापरवाही के आरोपों के चलते हटाया गया था, उसे इतनी जल्दी दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना प्रशासनिक औपचारिकता मात्र बनकर रह गया है।

नई सूची में किसे क्या मिली जिम्मेदारी

जारी आदेश के अनुसार, राजीव सोनी को अब दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का भवन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं, उन्हें अपने मुख्य कार्य के साथ-साथ पीएमई बस सेवा के प्रभारी सहायक यंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनकी यह नियुक्ति निगम के भीतर ही चर्चा का विषय बनी हुई है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्हें वापस मुख्यधारा में लाया गया है।

तबादला सूची में केवल राजीव सोनी ही नहीं, बल्कि अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। वीरेंद्र शाक्य को ग्रामीण विधानसभा, यशवंत मैकले को पूर्व विधानसभा और बृज किशोर त्यागी को ग्वालियर विधानसभा का भवन अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा, यशवंत मैकले को चिड़ियाघर के प्रभारी सहायक यंत्री का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।

जनकार्य विभाग में भी फेरबदल

नगर निगम ने जनकार्य विभाग में भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया है। सुरेश अहिरवार को प्रभारी अधीक्षण यंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजीव सिंघल को गौशाला, पार्क एवं चिड़ियाघर का प्रभारी कार्यपालन यंत्री नियुक्त किया गया है। निगम प्रशासन का यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से बताया जा रहा है, लेकिन राजीव सोनी की वापसी ने इसे विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।

इस सूची में वेद प्रकाश निरंजन, पवन शर्मा, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, राजू गोयल, शैलेंद्र सक्सैना, सिद्धार्थ सोनी, ग्रीष्मा आर्य और शिल्पा दिनकर जैसे अधिकारियों को भी विभिन्न शाखाओं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगम के इस बड़े फेरबदल के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नियुक्तियों का असर शहर के विकास कार्यों और निगम की कार्यशैली पर किस प्रकार पड़ता है।

फिलहाल, गुड़ागुड़ी नाका हादसे के बाद हुई इस त्वरित बहाली पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की नजरें टिकी हुई हैं। नगर निगम प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस नियुक्ति को लेकर बहस जारी है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें