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पानीपत: कपड़ा व्यापारी के साथ 7 लाख की ऑनलाइन ठगी, व्हाट्सएप हैक कर अकाउंटेंट को बनाया शिकार

पानीपत के अंसल सुशांत सिटी निवासी एक कपड़ा व्यापारी के साथ 7 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध पानीपत ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

21 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
पानीपत: कपड़ा व्यापारी के साथ 7 लाख की ऑनलाइन ठगी, व्हाट्सएप हैक कर अकाउंटेंट को बनाया शिकार
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जिप फाइल के जरिए कंप्यूटर में लगाई सेंध

पानीपत के अंसल सुशांत सिटी इलाके में रहने वाले एक कपड़ा व्यापारी के साथ साइबर अपराधियों ने बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। शातिर ठगों ने व्यापारी की फर्म के अकाउंटेंट के कंप्यूटर को निशाना बनाते हुए करीब 7 लाख रुपये की चपत लगाई है। पीड़ित व्यापारी अभिनंदन जैन ने इस संबंध में साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

घटना की शुरुआत 11 अगस्त को हुई, जब फर्म के अकाउंटेंट हासिम अंसारी के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध मैसेज आया। यह मैसेज ग्वालियर की एक व्यावसायिक पार्टी के नाम से भेजा गया था, जिसमें एक जिप फाइल संलग्न थी। मैसेज में निर्देश दिया गया था कि इस फाइल को कंपनी के फाइनेंस मैनेजर को वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाए और इसे कंप्यूटर पर खोला जाए। अकाउंटेंट ने बिना किसी संदेह के उस फाइल को फर्म के मुख्य कंप्यूटर में ओपन कर दिया, जिससे साइबर अपराधियों को सिस्टम का एक्सेस मिल गया।

व्यापारी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप बनाकर की वसूली

कंप्यूटर का डेटा एक्सेस करने के बाद ठगों ने एक सोची-समझी साजिश रची। 24 अगस्त को उन्होंने अकाउंटेंट के मोबाइल में व्यापारी अभिनंदन जैन के नाम से एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। ठगों ने इसी फर्जी नंबर से अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर फर्म के बैंक खातों का बैलेंस पूछा। अकाउंटेंट ने मालिक समझकर तीनों बैंक खातों के बैलेंस का स्क्रीनशॉट उन्हें भेज दिया।

इसके तुरंत बाद, ठगों ने फर्जी नंबर से निर्देश दिया कि खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाएं। अकाउंटेंट ने बताया कि जिस खाते का एक्सेस उसके पास था, उसमें 7,97,000 रुपये मौजूद थे। ठगों ने दबाव बनाते हुए 7 लाख रुपये ट्रांसफर करने का आदेश दिया। मालिक के निर्देश मानकर अकाउंटेंट ने बिना पुष्टि किए 7 लाख रुपये अज्ञात खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

बैंक स्टेटमेंट से खुला धोखाधड़ी का राज

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब 18 सितंबर को व्यापारी अभिनंदन जैन ने अपनी फर्म के बैंक खातों की स्टेटमेंट की जांच की। स्टेटमेंट में 7 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन देखकर वे दंग रह गए। पूछताछ करने पर अकाउंटेंट ने पूरी बात बताई, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी।

पीड़ित ने 20 सितंबर को पानीपत साइबर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी। साथ ही, उस जिप फाइल और फर्जी व्हाट्सएप नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी

पुलिस ने इस मामले के बाद आम जनता और व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अज्ञात नंबर से आई फाइल या लिंक को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करना अनिवार्य है। विशेषकर व्यावसायिक लेनदेन के दौरान किसी भी निर्देश को केवल व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर पूरा न करें, बल्कि संबंधित व्यक्ति से फोन कॉल या आमने-सामने बात करके ही पुष्टि करें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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