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मथुरा: सील गेस्ट हाउस में कमरा मांगते पकड़े गए MVDA के जेई, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

Mathura Vrindavan development authority JE caught demanding room in sealed guest house. CCTV footage captures the incident.

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.5K
मथुरा: सील गेस्ट हाउस में कमरा मांगते पकड़े गए MVDA के जेई, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
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मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। वृंदावन के रुक्मिणी विहार स्थित एक गेस्ट हाउस, जिसे प्राधिकरण ने ही नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर रखा था, वहां प्राधिकरण के ही एक सहायक अभियंता (JE) द्वारा कमरा मांगे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 28 जून की सुबह करीब 7 बजे की है। MVDA के सहायक अभियंता सुमित मौर्य अपनी सरकारी गाड़ी से वृंदावन के सेक्टर-2 स्थित 'वृंदावन बालाजी सेवा सदन' पहुंचे थे। यह गेस्ट हाउस हाल ही में प्राधिकरण की कार्रवाई के तहत सील किया गया था। आरोप है कि जेई ने वहां मौजूद प्रबंधक अमर सिंह को जगाया और कमरा खोलने का दबाव बनाया।

प्रबंधक ने जब गेस्ट हाउस सील होने का हवाला देते हुए कमरा देने से इनकार किया, तो जेई ने कथित तौर पर उन्हें 2000 रुपये देने की पेशकश की। जब प्रबंधक फिर भी नहीं माने, तो अधिकारी ने यह तक कह दिया कि वह उच्च अधिकारियों से बात करके सील खुलवा देंगे। यह पूरी बातचीत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

पार्षद ने की शिकायत, वीडियो हुआ वायरल

इस घटना के बाद स्थानीय पार्षद और गेस्ट हाउस संचालक राधा कृष्ण पाठक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए MVDA की उपाध्यक्ष से लिखित शिकायत की है। शिकायत के साथ सीसीटीवी फुटेज के साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। सोमवार देर शाम जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

आरोपित सहायक अभियंता सुमित मौर्य ने गेस्ट हाउस जाने की बात तो स्वीकार की है, लेकिन उन्होंने इसे किसी भी गलत मंशा से इनकार किया है। उनका तर्क है कि वे वहां केवल एक सामान्य जांच-पड़ताल के सिलसिले में गए थे। हालांकि, सील बंद संपत्ति में कमरा मांगने की उनकी हरकत ने उनके दावों को कमजोर कर दिया है।

प्राधिकरण की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

इस मामले पर MVDA के सचिव आशीष कुमार सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त हुई है और आरोपित जेई से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सचिव ने कहा कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गेस्ट हाउस की सील को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिस पर सचिव का कहना है कि संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही सील खोलने की प्रक्रिया अपनाई गई थी।

यह घटना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। एक ओर जहां विभाग अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करता है, वहीं दूसरी ओर विभाग के ही जिम्मेदार अधिकारी सील संपत्तियों में कमरा मांगते नजर आ रहे हैं। अब स्थानीय लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग अपने ही अधिकारी के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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