कोटा में अगस्त से दौड़ेंगी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक एसी बसें, 20 रूटों पर मिलेगी सुविधा
कोटा। 40 एसी ई-बसें अगस्त से 20 रूटों पर दौड़ेंगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कोटा में सार्वजनिक परिवहन का बदलेगा स्वरूप
राजस्थान के कोटा शहर में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शहर को जल्द ही 100 नई इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलने वाली है। इन बसों के संचालन के लिए सुभाष नगर स्थित बस डिपो का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है, जिससे शहरवासियों को आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।
बस डिपो में बुनियादी ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। प्लेटफॉर्म पर हाई-कैपेसिटी चार्जिंग मशीनें स्थापित कर दी गई हैं, जो इन बसों को ऊर्जा प्रदान करेंगी। हालांकि, डिपो का काम जुलाई तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसमें मामूली देरी हुई है। अब प्रशासन इसे जल्द से जल्द क्रियाशील करने के लिए जुटा हुआ है।
अगस्त से शुरू होगा संचालन और रूट की जानकारी
योजना के पहले चरण में 40 एसी ई-बसें कोटा पहुंचेंगी। इन बसों को अगस्त महीने से केडीए (कोटा विकास प्राधिकरण) क्षेत्र के 20 प्रमुख रूटों पर उतारा जाएगा। इन बसों का संचालन कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। जैसे ही ये बसें सड़कों पर उतरेंगी, वर्तमान में चल रही 28 पुरानी सिटी बसों को सेवा से हटा दिया जाएगा, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।
सुभाष नगर डिपो को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वहां एक साथ 100 ई-बसों की पार्किंग और उनके मेंटेनेंस की व्यवस्था हो सके। डिपो में प्रशासनिक भवन, जीएसएस और मेंटेनेंस सेक्शन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। ये बसें एक बार फुल चार्ज होने पर 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम होंगी। यात्रा के दौरान बैटरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न रूटों पर इंटरमीडिएट चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं।
किराया संरचना और यात्रा के नियम
नई ई-बसों में मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाओं और एसी सेवा को देखते हुए किराए में आंशिक संशोधन किया गया है। पुरानी बसों में न्यूनतम किराया 5 रुपये था, जबकि नई ई-बसों में यह 10 रुपये से शुरू होगा और दूरी के आधार पर अधिकतम 60 रुपये तक जाएगा। 0 से 3 किलोमीटर तक का किराया 10 रुपये, 3 से 6 किलोमीटर के लिए 15 रुपये, 6 से 10 किलोमीटर के लिए 20 रुपये, 10 से 20 किलोमीटर के लिए 40 रुपये और 20 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए अधिकतम 60 रुपये निर्धारित किया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए ये बसें केवल निर्धारित बस स्टॉप्स पर ही रुकेंगी। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। शेष 60 बसों के आने के बाद उनके रूटों का निर्धारण अलग से किया जाएगा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों को भी इस सेवा से जोड़ा जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
