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करौली-सवाई माधोपुर में किसानों का उग्र प्रदर्शन: 40 घंटे से ठप यातायात, पानी की किल्लत पर भड़के ग्रामीण

करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक आंदोलन में बदल गया है। नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसानों ने कई स्थानों पर लगाए गए जाम नहीं हटाए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 917
करौली-सवाई माधोपुर में किसानों का उग्र प्रदर्शन: 40 घंटे से ठप यातायात, पानी की किल्लत पर भड़के ग्रामीण
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राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिलों में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर उपजा विवाद अब एक बड़े आंदोलन में तब्दील हो चुका है। बीते 40 घंटों से अधिक समय से कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह से बंद हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों का आरोप है कि नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद पानी टेल क्षेत्र तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर हैं।

प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम से आवागमन बाधित

किसानों ने अपनी मांगों को लेकर करौली-धौलपुर नेशनल हाईवे-23 पर कुडगांव और कोंडर गांव के पास जाम लगा दिया है। इसके अलावा करौली-गंगापुर स्टेट हाईवे पर कटकड़, गुडला और सलेमपुर गांव में भी रास्ता बंद कर दिया गया है। श्रीमहावीरजी-नादौती मार्ग पर कोड़िया और कैमला गांव के पास भी किसान डटे हुए हैं। इस स्थिति के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिंडौन-करौली और हिंडौन-गंगापुर रूट पर बसों का संचालन पूरी तरह रोक दिया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क जाम होने के कारण दूध, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। मालवाहक वाहनों के फंसे होने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने कई बार वार्ता का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और जाम हटाने को तैयार नहीं हैं।

तकनीकी खामी और किसानों का आक्रोश

आंदोलन की मुख्य जड़ पांचना बांध से पानी छोड़ने के दौरान आई तकनीकी खराबी है। नहरों में पानी पहुंचने में हुई देरी से नाराज किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड के कुंसाय गांव में किसान 30 घंटों से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक नहर में पानी का बहाव पर्याप्त नहीं होता और जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।

किसान नेता रघुवीर पीलोदा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि नहरों में पानी का बहाव नहीं बढ़ाया गया और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की है कि किसानों को बदनाम करने वाली भ्रामक टिप्पणियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

सोशल मीडिया पर टिप्पणी से बढ़ा तनाव

इस बीच, करौली के गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में एक अन्य विवाद ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से नाराज लोगों ने गुढ़ाचंद्रजी-सिकंदरा रोड पर मुहाना मोड़ के पास जाम लगा दिया। मुहाना, राजाहेड़ा, भंवरवाड़ा और सन्देड़ा सहित कई गांवों के लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बरकरार है। प्रशासन के लिए अब एक साथ दो मोर्चों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

बता दें कि पांचना बांध से 20 साल के लंबे इंतजार के बाद 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया था, जिससे क्षेत्र में उम्मीद जगी थी। हालांकि, तकनीकी खामियों और कुप्रबंधन के आरोपों ने इस खुशी को विरोध-प्रदर्शन में बदल दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक किसानों की मांगों को पूरा कर सड़कों को बहाल करवा पाता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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