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ग्वालियर: 21 करोड़ की साइबर ठगी, क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई थी बड़ी धोखाधड़ी

ग्वालियर में सामने आए प्रदेश के सबसे बड़े साइबर फ्रॉड मामले में राज्य साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के मामले में शाजापुर निवासी और भाजपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया गया है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

6 अगस्त 2026 अपडेट 6 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
ग्वालियर: 21 करोड़ की साइबर ठगी, क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई थी बड़ी धोखाधड़ी
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प्रदेश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड

ग्वालियर में सामने आए राज्य के अब तक के सबसे बड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले में राज्य साइबर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के एक मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शाजापुर निवासी जगदीश कुमार मालवीय के रूप में हुई है, जो भाजपा से जुड़ा हुआ है और जिला पंचायत सदस्य के पद पर कार्यरत है।

पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि ठगी गई कुल राशि में से 50 लाख रुपये सीधे तौर पर जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया है, ताकि इस अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके काम करने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।

चार्टर्ड अकाउंटेंट को बनाया निशाना

इस मामले के पीड़ित ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय हैं। दिसंबर 2025 में एक अज्ञात महिला ने उनसे संपर्क किया और धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने उन्हें भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया। करीब 218 दिनों तक चले इस सिलसिले में पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये जमा कर दिए। जब पीड़ित ने अपना पैसा वापस मांगा, तो उनसे और अधिक राशि की मांग की गई, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित ने कुल 76 अलग-अलग बैंक खातों में 106 बार ट्रांजेक्शन किए थे। यह रकम 15 अलग-अलग लेयर से गुजरते हुए 20 हजार से अधिक बैंक खातों तक पहुंचाई गई, जिससे इसका पता लगाना कठिन हो गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, ठगी गई राशि का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत के विभिन्न बैंक खातों में भेजा गया था।

आरोपी की जीवनशैली और संदिग्ध गतिविधियां

गिरफ्तार आरोपी जगदीश कुमार मालवीय भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है और एक सामाजिक संगठन में भी पदाधिकारी है। उसके बैंक खातों की जांच में ढाई करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। पुलिस को संदेह है कि उसका खाता अन्य साइबर अपराधों में भी इस्तेमाल किया गया होगा। इसके अलावा, आरोपी की हालिया बैंकॉक और थाईलैंड यात्राओं ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है।

राज्य साइबर पुलिस के निरीक्षक मुकेश नारोलिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर कर्नाटक और तमिलनाडु में भी टीमें भेजी गई हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह है जो म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बनाता है।

आगे की कार्रवाई और जांच का दायरा

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। साइबर सेल की टीमें उन सभी बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया में है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

यह मामला आम जनता के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्रिप्टोकरेंसी या अन्य ऑनलाइन निवेश योजनाओं में बड़ी रकम लगाने से पहले पूरी सावधानी बरतें। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे रैकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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