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गाजियाबाद में चलती कार में चल रहा था अवैध अल्ट्रासाउंड और गर्भपात का धंधा, 4 गिरफ्तार

गाजियाबाद में चलती कार में भ्रूण लिंग की जांच और गर्भपात कराने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
गाजियाबाद में चलती कार में चल रहा था अवैध अल्ट्रासाउंड और गर्भपात का धंधा, 4 गिरफ्तार
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गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो चलती कार को ही अल्ट्रासाउंड सेंटर बनाकर भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात का काला कारोबार चला रहा था। शनिवार देर रात पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के पास से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, चिकित्सा उपकरण और एक अर्टिगा कार बरामद की गई है, जिसका उपयोग वे इस अवैध काम के लिए करते थे।

कैसे काम करता था यह हाई-टेक गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद गोपनीय तरीके से काम करता था। भ्रूण लिंग जांच के लिए महिलाओं से फोन पर 10 हजार रुपये में सौदा तय किया जाता था। उन्हें किसी अस्पताल में बुलाने के बजाय एक तय स्थान पर कार में बैठने को कहा जाता था। कार के अंदर ही पोर्टेबल मशीन के जरिए भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जाता था। यदि महिला गर्भपात कराना चाहती थी, तो उसे रात के अंधेरे में लोनी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया जाता था।

गिरोह की सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि वे महिलाओं को किसी पुरुष के साथ आने की अनुमति नहीं देते थे। कार में बैठने से पहले महिलाओं के मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिए जाते थे। आरोपी किसी भी महिला को अपने जाल में फंसाने से पहले 4-5 दिनों तक उसकी पूरी निगरानी करते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के संपर्क में नहीं है।

मास्टरमाइंड और गिरोह के सदस्यों की भूमिका

इस गिरोह का सरगना संदीप है, जो लोनी के बंथला क्षेत्र में साईं हॉस्पिटल का मालिक है। 12वीं पास संदीप ने दिल्ली में एक डॉक्टर के साथ काम करते हुए यह हुनर सीखा था और वह पहले भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है। गिरोह में सलमान नाम का युवक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने का काम करता था, जबकि तस्लीम और शाहिद एजेंट के रूप में काम करते थे। ये एजेंट हर केस के लिए 2 हजार रुपये कमीशन लेते थे और नए मरीजों को गिरोह से जोड़ते थे।

आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले एक साल के भीतर उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों जैसे गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बागपत और बुलंदशहर में करीब 500 महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण किया। इनमें से 100 से अधिक मामलों में उन्होंने अवैध रूप से गर्भपात भी अंजाम दिया।

पुलिस की छापेमारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी शनिवार को महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास कुछ महिलाओं का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से ही चारों आरोपियों को दबोच लिया। बरामद की गई पोर्टेबल मशीन और कार को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से अस्पताल या डॉक्टर शामिल हो सकते हैं।

इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साल तक इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस रैकेट की भनक तक न लगना प्रशासन की बड़ी चूक मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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