गाजियाबाद में AC सर्विस सेंटर में भीषण आग, धमाकों के बीच बुजुर्ग जिंदा जले
गाजियाबाद में AC सर्विस सेंटर में भीषण आग, गाजियाबाद के पटेलनगर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक एयर कंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान एसी कंप्रेसर और गैस सिलेंडरों में लगातार धमाके होते रहे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस दर्दनाक हादसे में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग कर्मचारी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि नीचे खड़ी 12 गाड़ियां भी आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गईं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 3 बजे अचानक तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। शुरुआत में लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब वे घरों से बाहर निकले तो देखा कि इलाके में स्थित एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर से आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकल रही थीं। पूरी इमारत से घना धुआं उठ रहा था और कुछ-कुछ देर में अंदर से तेज विस्फोट की आवाजें आ रही थीं। बताया जा रहा है कि ये धमाके एसी गैस सिलेंडर और कंप्रेसरों के फटने के कारण हो रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर रवाना हुईं। आग की भयावहता को देखते हुए वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर समेत आसपास के फायर स्टेशनों से भी गाड़ियां बुलाई गईं। कुल 8 दमकल वाहनों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, बिल्डिंग के अंदर अत्यधिक धुआं और लगातार हो रहे धमाकों के कारण फायरकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी, वहां ओमकार तोमर का एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर संचालित होता था। शुक्रवार रात दुकान बंद करने के बाद मालिक अपने घर चला गया था, जबकि सेंटर की निगरानी के लिए 80 वर्षीय कर्मचारी त्रिलोकीनाथ रोज की तरह वहीं रुक गए थे। आग लगने के समय वह बिल्डिंग के अंदर ही मौजूद थे और बाहर नहीं निकल सके।
करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। जब टीम बिल्डिंग के अंदर पहुंची, तो वहां का मंजर बेहद भयावह था। सर्विस सेंटर में रखे कई एसी पूरी तरह जल चुके थे। अंदर ही एक बुजुर्ग का झुलसा हुआ शव मिला, जिसकी पहचान त्रिलोकीनाथ के रूप में हुई। आशंका जताई जा रही है कि धुएं और आग की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस हादसे में बिल्डिंग के नीचे खड़ी गाड़ियों को भी भारी नुकसान हुआ। मौके से 2 कार और 10 बाइक जली हुई हालत में मिलीं। तेज गर्मी और आग की लपटों के कारण वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि सुबह करीब 2:40 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। आग तेजी से फैल रही थी और लगातार विस्फोट होने से स्थिति गंभीर बनी हुई थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आग और लगातार धमाकों से पूरी रात भय का माहौल बना रहा। वहीं, मृतक बुजुर्ग कर्मचारी की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है।
