राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी; सामान जलकर राख
राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी; सामान जलकर राख, त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब ट्रेन के बी-1 कोच और उससे जुड़े लगेज-गार्ड वैन में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 5:15 बजे कोटा मंडल के लूणी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच हुई। हादसे के समय कोच में सो रहे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए जल्दबाजी में ट्रेन से बाहर निकलने लगे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई यात्रियों का कीमती सामान जलकर राख हो गया।
बी-1 कोच में सफर कर रहीं यात्री मीरा यादव ने बताया कि अचानक कोच में धुआं भरने लगा और चारों तरफ शोर मच गया कि जल्दी बाहर निकलो। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में उन्होंने अपने पति और बच्चों को लेकर किसी तरह कोच से बाहर निकलकर जान बचाई, लेकिन अफरा-तफरी में उनके बैग कोच में ही छूट गए, जो आग में जल गए। बैग में कपड़े और जरूरी सामान रखा हुआ था।
हादसे के दौरान कई यात्रियों को अपने मोबाइल, दस्तावेज, नकदी, कपड़े और अन्य जरूरी सामान छोड़कर भागना पड़ा। कुछ यात्री ट्रेन से उतरते समय चोटिल भी हुए। गोवा से दिल्ली जा रही एक यात्री ने बताया कि कोच में धुआं फैलने के बाद लोग नंगे पैर ट्रेन से बाहर भागे और कई यात्रियों ने ट्रैक किनारे झाड़ियों में कूदकर अपनी जान बचाई। उनका कहना था कि रेलवे स्टाफ की ओर से समय रहते कोई चेतावनी नहीं दी गई।
कोटा स्टेशन पहुंचने के बाद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मुआवजे और नुकसान की भरपाई की मांग की। उनका आरोप था कि आग लगने के कुछ ही मिनटों में कोच पूरी तरह जल गए, लेकिन राहत और बचाव व्यवस्था समय पर नहीं पहुंची। यात्रियों ने करीब एक घंटे तक स्टेशन पर हंगामा किया।
रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। वहीं प्रभावित यात्रियों को तत्काल सहायता के रूप में 5-5 हजार रुपए दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
