भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू की मौत मामला CM हाउस पहुंचा, परिवार ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गया है। रविवार को ट्विशा के मायके पक्ष ने मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग उठाई। परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है और वे मामले की जांच किसी बाहरी एजेंसी से कराना चाहते हैं।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और माना कि मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रदेश के बाहर की एजेंसी से जांच कराने की जरूरत हो सकती है। साथ ही, दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग को भी उचित माना गया। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका स्वतंत्र संस्था है, इसलिए सीधे हस्तक्षेप संभव नहीं है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
रविवार दोपहर ट्विशा के माता-पिता, भाई, अन्य परिजन और करीबी लोग मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने की मांग की और अपनी शिकायत सीधे रखने की कोशिश की। शुरुआत में स्टाफ ने लिखित आवेदन देने को कहा, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में ट्विशा के पिता और भाई को मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों से मिलने के लिए बुलाया गया।
परिवार की प्रमुख मांग है कि ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली के अस्पताल में कराया जाए। परिजनों का कहना है कि भोपाल स्थित संबंधित संस्थान में ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य कार्यरत हैं, ऐसे में उन्हें निष्पक्ष जांच को लेकर आशंका है। परिवार ने यह भी कहा है कि वे दूसरे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि 11-12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा अपने घर में मृत पाई गई थीं। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगना बताई गई है, जबकि शरीर पर चोटों के निशान भी मिलने की जानकारी सामने आई है। मामले में मायके पक्ष ने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
