बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में ट्रक-बाइक टक्कर: दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
13 april 2026
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में दो युवा भाइयों की जान चली गई। यह दुखद घटना बुधवार रात को बीदासर रोड स्थित सालासर फांटे पर घटित हुई, जिसने पूरे परिवार और गांव को शोक के सागर में डुबो दिया।
घटना की जानकारी के अनुसार, जस्सूराम मेघवाल (17 वर्ष) पुत्र रामप्रताप और उनके बड़े भाई अशोक (22 वर्ष) श्रीडूंगरगढ़ से अपने गांव कल्याणसर लौट रहे थे। रात के अंधेरे में जब वे सालासर फांटे के पास पहुंचे, तो सामने से आ रहे एक ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। रात में ही परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। एक ही घर के दो जवान बेटों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। माता-पिता के साथ-साथ पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सुबह होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों में ट्रक ड्राइवर की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। उनका कहना है कि अब तक ट्रक ड्राइवर फरार है और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रधान प्रतिनिधि केसराराम गोदारा और सरपंच प्रतिनिधि ताजुराम नायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन से नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि दोषी ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
पुलिस प्रशासन की ओर से एसआई राजेंद्र कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने और आवश्यक कार्रवाई में जुटे रहे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। रात के समय अंधेरे में ओवरस्पीड वाहन चलाना और लापरवाह ड्राइविंग अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। आवशíयक है कि सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और नशे में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मृतक भाइयों के परिवार को इस दुखद घड़ी में संबल और साहस की आवश्यकता है। समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के उपाय करने चाहिए, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।
