पलामू में लेनदेन विवाद से गोलीबारी: 12 वर्षीय बच्चा घायल

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पलामू जिले में एक दुखद घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चैनपुर थाना क्षेत्र के बभंडी गांव में बुधवार शाम को हुई गोलीबारी में एक मासूम बच्चा जख्मी हो गया है।

**तिथि और स्थान:**
यह दुखद घटना बुधवार, संभवतः 6 बजे शाम, पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बभंडी गांव के सोनपुरवा इलाके में घटी। यह घटना पैसे के लेनदेन के विवाद को लेकर हुई, जिसने एक मासूम बच्चे की जिंदगी को खतरे में डाल दिया।

**घटना का विवरण:**
बुधवार शाम करीब 6 बजे सोनपुरवा निवासी अरुण शर्मा और सिंकु दुबे के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो रहा था। विवाद को देखने के लिए वहां भीड़ जमा हो गई थी। अचानक अरुण शर्मा ने सिंकु दुबे पर गोली चलाई, लेकिन गोली सिंकु को न लगकर पास खड़े विवेक कुमार के पैर में जा लगी।

**पीड़ित की पहचान:**
घायल बच्चे की पहचान विवेक कुमार (12 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सरयू पासवान का पुत्र है। बच्चे के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

**इलाज और हालत:**
गोली लगने के बाद ग्रामीणों ने बच्चे को तुरंत इलाज के लिए एमएमसीएच (महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल) ले जाया, जहां उसे भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्चे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन वह अभी भी उपचाराधीन है।

**पुलिस की कार्रवाई:**
पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। चैनपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों से घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, अरुण शर्मा और सिंकु दुबे मनबढ़ू किस्म के युवक हैं और अक्सर विवाद करते रहते हैं।

**आरोपियों की तलाश:**
घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और हथियार बरामद करने का भी प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

**सामाजिक प्रभाव:**
इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्थानीय युवाओं में बढ़ते आपराधिक रुझान की ओर इशारा करती हैं। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि वह इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

**निष्कर्ष:**
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि छोटे-छोटे विवाद भी कैसे बड़ी हिंसा में बदल सकते हैं। एक मासूम बच्चे की जान को खतरा इस बात का प्रमाण है कि समाज में शस्त्रों की आसान उपलब्धता कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बच्चे के खतरे से बाहर होने की खबर राहत देती है, लेकिन इस घटना से सबक लेने की जरूरत है।

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