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कोटपूतली में दूध की शुद्धता की जांच: खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 सैंपल लिए

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में मिलावटी दूध की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन अभियान चलाया। टीम ने विभिन्न समितियों से 15 दूध के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.1K
कोटपूतली में दूध की शुद्धता की जांच: खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 सैंपल लिए
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दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए सघन अभियान

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत के दिशा-निर्देशों के तहत, जिले भर में दूध की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में स्थित दूध समितियों पर औचक कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान टीम ने दूध के कुल 15 नमूने एकत्रित किए। इन नमूनों में गाय और भैंस के दूध के साथ-साथ मिश्रित दूध भी शामिल है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला दूध मानकों के अनुरूप हो और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट न हो।

विभिन्न क्षेत्रों में की गई कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेहा शर्मा और शशिकांत शर्मा के नेतृत्व में गठित जांच दल ने जिले के कई गांवों और कस्बों में जाकर दूध समितियों के वाहनों की जांच की। इस दौरान गोपालपुरा, लाड़पुर की ढाणी, भीटेड़ा, आलनपुर, गुंती, स्वामी की ढाणी (बानसूर), भूपसेड़ा, बुरा की ढाणी, बासदयाल, भोज का बड़ (हाजीपुर), कारोड़ी, ऊंचपुर, शाहपुर और ओसपुर जैसे क्षेत्रों से नमूने लिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि इन सभी नमूनों को सील कर जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही दूध की शुद्धता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की मिलावट या मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित डेयरी संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य

जांच के साथ-साथ प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति भी सचेत किया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में FSSAI के तहत Foscos ID की मैपिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब नए खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सुगम बना दिया गया है।

प्रशासन ने सभी डेयरी संचालकों और खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे अपने व्यवसाय के लिए अनिवार्य खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण अवश्य प्राप्त करें। बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करना कानूनन अपराध है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना लाइसेंस के काम करने वाले संचालकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता

दूध में मिलावट एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी के खिलाफ यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी ताकि आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

प्रशासन ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का संदेह हो, तो वे इसकी सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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