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दतिया उपचुनाव: 70 करोड़ के ऑफर के दावे पर सियासी घमासान, नरोत्तम मिश्रा ने दी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की चुनौती

शनिवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को 70 करोड़ रुपए का प्रलोभन देकर खरीदने की कोशिश की थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 345
दतिया उपचुनाव: 70 करोड़ के ऑफर के दावे पर सियासी घमासान, नरोत्तम मिश्रा ने दी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की चुनौती
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दतिया उपचुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। चुनाव प्रचार की शुरुआत के साथ ही सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस द्वारा लगाए गए 70 करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोपों ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

विवाद की शुरुआत शनिवार को कांग्रेस के एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान हुई, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा ने उनके पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी में शामिल करने के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया था। इस बयान के बाद से ही जिले की राजनीति में हलचल मच गई है।

नरोत्तम मिश्रा का पलटवार: सीसीटीवी फुटेज का जिक्र

कांग्रेस के इन आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को रावतपुरा कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोर्चा संभाला। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग दल बदलने में माहिर होते हैं, लेकिन भाजपा अपनी विचारधारा और सिद्धांतों के प्रति स्पष्ट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसे अपनी पार्टी में शामिल करना चाहती है, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करता है।

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के दावों को सिरे से खारिज करते हुए एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि संबंधित लोग खुद भाजपा नेताओं के घर-घर जाकर संपर्क साध रहे थे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इन दावों को नकारा गया, तो उनके पास इसके पुख्ता सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो वे इन फुटेज को सार्वजनिक मंच से जनता के सामने प्रदर्शित करने में भी संकोच नहीं करेंगे।

विकास बनाम बेबुनियाद आरोप की राजनीति

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार और चुनावी हथकंडा करार दिया है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा की राजनीति का मुख्य आधार विकास और जनसेवा है, जबकि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण वे जनता को भ्रमित करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और चुनाव में ऐसे हथकंडों का जवाब देगी।

दूसरी ओर, कांग्रेस अपने आरोपों पर पूरी तरह कायम है। पार्टी नेताओं का कहना है कि दतिया उपचुनाव में भाजपा की रणनीति अनैतिक है और वे इसे जनता के बीच ले जाएंगे। इस आरोप-प्रत्यारोप के कारण अब दतिया का चुनावी मुकाबला केवल संगठन की मजबूती या चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत और राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदलता दिख रहा है।

उपचुनाव की दिशा और भविष्य की चुनौती

दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही दोनों प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जहां भाजपा अपने विकास कार्यों और संगठनात्मक ढांचे के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की कथित खरीद-फरोख्त की राजनीति के खिलाफ एक बड़ा अवसर मान रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये आरोप केवल जुबानी जंग तक सीमित रहते हैं या फिर इनके कोई ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाते हैं।

फिलहाल, दतिया का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा हुआ है। दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह उपचुनाव दोनों ही पार्टियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मतदाताओं के बीच अब इन आरोपों और प्रत्यारोपों का क्या असर पड़ता है, यह तो चुनाव परिणाम ही तय करेंगे, लेकिन फिलहाल दतिया की राजनीति में तनाव और गहमागहमी का दौर जारी है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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