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अलवर: बदहाल सड़कों के खिलाफ अनोखा विरोध, मंत्रियों के मुखौटे पहन गड्ढों में बैठे युवा

अलवर-बहरोड़ की बदहाली को लेकर शनिवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। दो कार्यकर्ता दो मंत्रियों के मुखौटे पहनकर सड़क के बीच में गड्ढे में बैठ गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 250
अलवर: बदहाल सड़कों के खिलाफ अनोखा विरोध, मंत्रियों के मुखौटे पहन गड्ढों में बैठे युवा
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सड़कों की बदहाली पर फूटा गुस्सा

अलवर-बहरोड़ मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सब्र का बांध टूट गया है। शनिवार को क्षेत्र में एक अनूठा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें कार्यकर्ताओं ने सरकार को जगाने के लिए प्रतीकात्मक तरीका अपनाया। विरोध स्वरूप दो कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के मुखौटे पहने और सड़क के बीच बने गहरे गड्ढों में जाकर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सड़क पिछले तीन महीनों से पूरी तरह से खस्ताहाल है, जिससे गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। इस प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की थी, जिसके बाद उन्होंने सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

बच्चों और बुजुर्गों ने बयां किया दर्द

इस विरोध प्रदर्शन में केवल युवा ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी शामिल हुए। आठ साल के एक बालक ने अपनी मासूमियत और पीड़ा के साथ बताया कि सड़क के गड्ढों के कारण उसके दादाजी भी गिरकर चोटिल हो चुके हैं। उसने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन लोग अपनी गाड़ियों से गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

एक बुजुर्ग महिला ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी रोजाना इसी मार्ग से गुजरते हैं। बावजूद इसके, किसी ने भी इस सड़क की मरम्मत की जहमत नहीं उठाई है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि केंद्रीय मंत्री का आवास पास होने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

निर्माण में लापरवाही और अधूरी योजनाएं

स्थानीय निवासी दीनबंधु ने बताया कि करीब एक साल पहले ही इस नई सड़क का निर्माण किया गया था। हालांकि, निर्माण के कुछ समय बाद ही प्रशासन ने सड़क के बीचों-बीच डिवाइडर बनाने का काम शुरू कर दिया। इस प्रक्रिया में सड़क को खोदा गया, लेकिन डिवाइडर बनने के बाद खोदी गई सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया।

प्रशासन की इस लापरवाही ने आम जनता के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। एक ओर जहां सरकार विकास के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे मामले में अब तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। सड़क की मरम्मत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग अब जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। मंत्रियों के मुखौटे पहनकर किया गया यह प्रदर्शन सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा तंज है, जो यह दर्शाता है कि आम आदमी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किस हद तक जाने को मजबूर है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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