अमृतसर के बांसों वाले बाजार में भीषण आग: दिव्यांग दुकानदार जिंदा जला, 25 दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान
अमृतसर के बांसों वाले बाजार में भीषण आग, पंजाब के अमृतसर शहर में गुरुवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बांसों वाले बाजार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बाजार में रखे बांस, लकड़ी, सीढ़ियां व अन्य ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें कई फुट ऊंचाई तक उठने लगीं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।
इस दर्दनाक हादसे में एक दिव्यांग दुकानदार की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 20 से 25 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक दुकान के ऊपर लगा मोबाइल टावर भी इसकी चपेट में आ गया, जिससे उसके गिरने का खतरा पैदा हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
दिव्यांग दुकानदार नहीं बचा पाया जान
जानकारी के अनुसार, जिस दुकानदार की मौत हुई वह बाजार में बांस की दुकान चलाता था और दिव्यांग था। आग लगने के दौरान वह समय रहते दुकान से बाहर नहीं निकल सका और आग की लपटों में फंस गया। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई उसके पास तक नहीं पहुंच पाया। कुछ ही देर में वह जिंदा जल गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि मृतक काफी समय से बाजार में काम कर रहा था और अपनी दुकान के सहारे ही परिवार का पालन-पोषण करता था।
सूखे सामान के कारण तेजी से फैली आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बांसों वाले बाजार में बड़ी मात्रा में सूखा सामान रखा हुआ था, जिसमें बांस, लकड़ी, रस्सियां और सीढ़ियां शामिल थीं। आग लगते ही यह सामग्री तेजी से जलने लगी, जिससे आग कुछ ही मिनटों में एक दुकान से दूसरी दुकान तक फैल गई।
स्थानीय कारोबारी राजीव कुमार राजू ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से इस इलाके में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा भयावह हादसा नहीं देखा। उनके अनुसार, बाजार में सूखी सामग्री अधिक होने की वजह से आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया।
20 से 25 दुकानें जलकर खाक, करोड़ों का नुकसान
दुकानदारों का कहना है कि आग की चपेट में आने से करीब 20 से 25 दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। कई दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हादसे में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।
एक दुकानदार अनूप कुमार भावुक होकर रो पड़ा। उसने बताया कि उसकी पूरी दुकान आग में जल गई और अब परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। उसने कहा कि उसके छोटे बच्चे हैं और अब समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करेंगे।
फायर ब्रिगेड की देरी पर लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आग लगने के तुरंत बाद सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब आधे घंटे देर से मौके पर पहुंचीं।
लोगों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर पहुंच जाता, तो नुकसान काफी कम हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक-एक करके गाड़ियां पहुंच रही थीं, जिससे आग बुझाने में काफी दिक्कत हुई।
कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि जब अधिकारियों से देरी का कारण पूछा गया तो उन्हें बताया गया कि बकरीद की छुट्टी होने के कारण कुछ दिक्कतें आई थीं, हालांकि बाद में अतिरिक्त टीमें भेजी गईं।
मोबाइल टावर में भी लगी आग, बढ़ा खतरा
आग की भयावहता का असर इतना ज्यादा था कि एक दुकान के ऊपर लगा मोबाइल टावर भी इसकी चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि टावर के गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन ने इलाके को एहतियातन खाली कराने और लोगों को दूर रहने की सलाह दी है।
विधायक बोले- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे
स्थानीय विधायक अजय गुप्ता ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रास्ते में ही फायर ब्रिगेड अधिकारियों, पीएसपीसीएल विभाग और पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर राहत और बचाव कार्य तेज कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें रात करीब 9 बजे तक लगातार काम करती रहीं।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी।
पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है। हादसे के बाद पूरे बाजार में मातम और दहशत का माहौल है, जबकि प्रभावित दुकानदार अपने नुकसान को लेकर गहरे सदमे में हैं।
