IPS अधिकारी विवाद पर नरम पड़े विधायक प्रीतम लोधी, बयान पर जताया खेद
IPS अधिकारी विवाद पर नरम पड़े विधायक, मध्य प्रदेश में IPS अधिकारी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के रुख में बदलाव नजर आया है। गुरुवार को वे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बैठक हुई। इस मुलाकात के बाद लोधी ने अपने पहले दिए गए बयान पर खेद जताया।
लोधी ने कहा कि वे और उनका परिवार लंबे समय से जनसंघ और भाजपा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा कायम है। उन्होंने माना कि हाल की घटना के दौरान उनसे कुछ शब्दों का गलत चयन हो गया, जिससे किसी अधिकारी को ठेस पहुंची हो तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे से जुड़े मामले में उन्होंने पुलिस का पूरा सहयोग किया है और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। बेटे के जुलूस को लेकर उन्होंने कहा कि उस घटना से वे आहत हुए थे, उसी भावनात्मक स्थिति में उनकी भाषा अनुचित हो गई।
विधायक ने आगे कहा कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से चलती है और भविष्य में वे अपनी भाषा को लेकर अधिक सावधानी बरतेंगे। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध भी किया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 16 अप्रैल को शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में विधायक के बेटे की गाड़ी से सड़क हादसा हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने वाहन पर कार्रवाई करते हुए अवैध सायरन हटाया और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।
पूछताछ के दौरान एसडीओपी आयुष जाखड़ की कार्रवाई के बाद विधायक ने सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक बयान दिए थे। उन्होंने अधिकारी को चेतावनी देते हुए बयान दिए, जिससे मामला बढ़ गया और सोशल मीडिया के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई।
बाद में विधायक ने एक और बयान में विरोध स्वरूप बड़े स्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इस पर IPS एसोसिएशन ने भी आपत्ति जताई।
पार्टी ने लिया संज्ञान
विवाद बढ़ने पर भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन में जवाब मांगा। इसके बाद अब विधायक ने नरम रुख अपनाते हुए अपने बयान पर खेद जताया है।
