करैरा SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने दिखाई निष्पक्षता की मिसाल, व्यापारियों ने किया स्वागत
करैरा SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने दिखाई निष्पक्षता की मिसाल,मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में हाल ही में सामने आए सड़क हादसे के मामले में SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने निष्पक्ष और सख्त प्रशासनिक कार्यवाही कर एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका को मजबूती से निभाया है।
दरअसल, 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे में पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र पर महिंद्रा थार वाहन से पांच लोगों को टक्कर मारने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की।
मामले के दौरान राजनीतिक बयानबाजी और दबाव के आरोप भी सामने आए, लेकिन SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्यवाही कानून के दायरे में और नियमानुसार की गई है। उन्होंने बताया कि यह केवल रूटीन पूछताछ थी और वाहन पर लगे अवैध उपकरणों जैसे सायरन व काली फिल्म पर भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
इस पूरे घटनाक्रम में जहां एक ओर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ, वहीं दूसरी ओर SDOP जाखड़ की कार्यशैली ने यह संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य किया।
इसी निष्पक्ष कार्यशैली और सख्त कानून व्यवस्था को देखते हुए करैरा के स्थानीय व्यापारियों ने भी SDOP डॉ. आयुष जाखड़ का स्वागत कर उनका सम्मान किया। व्यापारियों ने कहा कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और अपराधों पर नियंत्रण देखने को मिला है, जिससे व्यापारिक माहौल बेहतर हुआ है।
स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि ऐसे ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की वजह से ही आम जनता और व्यापारियों का विश्वास प्रशासन पर बना रहता है।
निष्कर्ष:
करैरा हादसे के इस हाई-प्रोफाइल केस में SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने जिस तरह से कानून और कर्तव्य को प्राथमिकता दी, वह एक मजबूत और निष्पक्ष प्रशासन की पहचान है। साथ ही, व्यापारियों द्वारा किया गया उनका स्वागत इस बात का प्रमाण है कि उनकी कार्यशैली को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
