ऊर्जा निगम घोटाला: 56.5 करोड़ की अवैध निकासी में SIT का खुलासा, निजी खातों में भेजी गई रकम

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ऊर्जा निगम घोटाला: 56.5 करोड़ की अवैध निकासी, ऊर्जा निगम के खातों से अवैध रूप से निकाले गए 56.5 करोड़ रुपये के मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह रकम अलग-अलग निजी खातों में ट्रांसफर की गई थी।

दिल्ली की कंपनी के खाते में भी पहुंची राशि

जांच के दौरान पता चला कि इस रकम में से 20 लाख रुपये दिल्ली स्थित एक घड़ी कंपनी “मेसर्स वाच ग्रुप” के सिटी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। यह खाता नई दिल्ली के वेस्ट पंजाबी बाग स्थित शाखा में संचालित है। संदिग्ध लेन-देन को देखते हुए एजेंसी ने इस खाते को फ्रीज कर दिया है।

शेल कंपनियों के जरिए पैसे घुमाने का आरोप

SIT की जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी और शेल कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर धन का ट्रांजेक्शन किया गया। इस नेटवर्क में हरेश ट्रेडर्स, अशोक इलेक्ट्रॉनिक, राजीव टेक्सटाइल और आदर्श डीलर्स जैसी फर्मों के नाम सामने आए हैं।

अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स से जुड़ा कारोबार

जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनी राडो, टिसोट, लोंगिन्स और ओमेगा जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की घड़ियों और उनके स्पेयर पार्ट्स के इंपोर्ट, डिस्ट्रीब्यूशन और रीसेल का काम करती है। एजेंसी इस लेन-देन को कथित गबन से जोड़कर देख रही है।

पहले से दर्ज हैं करोड़ों के दो केस

इस मामले से पहले रांची के धुर्वा थाना में पर्यटन और ऊर्जा निगम से जुड़े करीब 107 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। बाद में सीआईडी ने इन मामलों को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की।

गिरफ्तारी और जांच जारी

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व तत्कालीन एटीएस एसपी ऋषभ कुमार झा को सौंपा गया था। अब तक बैंक अधिकारियों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले की जांच कर रहा है।

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