यमुनानगर: जगाधरी बस स्टैंड से 6200 नशीली गोलियों के साथ तस्कर गिरफ्तार, बद्दी से लाया था खेप
यमुनानगर में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने जगाधरी बस स्टैंड के पास कार्रवाई करते हुए एक युवक को 6200 प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी इन दवाइयों को हिमाचल प्रदेश के बद्दी से लेकर आया था और यमुनानगर में आगे सप्लाई करने की तैयारी में था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के यमुनानगर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एंटी नारकोटिक सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने जगाधरी बस स्टैंड के पास से एक युवक को भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद की गई दवाओं की कुल संख्या 6200 बताई जा रही है, जो बाजार में अवैध रूप से खपाई जानी थीं।
हिमाचल से लाई गई थी नशीली खेप
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनगर, सेक्टर-17बी निवासी अजय के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी इन प्रतिबंधित दवाओं को हिमाचल प्रदेश के बद्दी से लेकर आया था। उसका उद्देश्य इन दवाओं को यमुनानगर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करना था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बद्दी में उसे यह खेप किसने उपलब्ध कराई और इसके पीछे कौन सा बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
एंटी नारकोटिक सेल के जांच अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा लेकर जगाधरी बस स्टैंड के आसपास घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए।
बरामद दवाओं का विवरण और आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के पास से सपास प्लस ट्रामाडोल के 1000 कैप्सूल, क्लैपिडोल ट्रामाडोल की 1000 टैबलेट और अल्ट्रोक्स अल्प्राजोलम की 4200 टैबलेट बरामद की गई हैं। इन दवाओं का उपयोग नशे के लिए किया जाता है और बिना डॉक्टर के पर्चे के इनकी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपी अजय का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही तीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक मामला चोरी का है, जबकि दो मामले कोरोना काल के दौरान नशीली दवाओं की अवैध तस्करी से संबंधित हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह पुराने मामलों में भी इसी तरह के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
पुलिस रिमांड और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ करेगी ताकि नशा तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके। जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर उन लोगों की भी पहचान की जाएगी जो इस सप्लाई चेन में शामिल हैं।
यमुनानगर पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। बद्दी से आने वाली दवाओं की खेप पर नजर रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी यमुनानगर में इस तरह की खेप पहुंचाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!