वाराणसी में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा: 10 साल पुराने रिकॉर्ड खंगालकर जमानत रद्द कराएगी पुलिस
पुलिस पूर्व अपराधियों की सक्रिय पैरवी करते हुए हालिया अपराधों के साथ-साथ पूर्व मामलों में प्राप्त जमानत निरस्तीकरण के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

वाराणसी में अपराधियों की बढ़ेगी मुश्किलें
वाराणसी पुलिस ने शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए एक नई रणनीति तैयार की है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने हाल ही में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पिछले दस वर्षों में सक्रिय रहे अपराधियों की एक विस्तृत कुंडली तैयार की जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नकेल कसना और उनके द्वारा पूर्व में प्राप्त की गई जमानत को निरस्त कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेज करना है।
पुलिस प्रशासन ने तय किया है कि हर थाने के दरोगा और बीट सिपाही अपने-अपने क्षेत्रों में इन अपराधियों की सक्रियता की निगरानी करेंगे। यदि किसी भी स्तर पर निगरानी में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब सरकारी वकीलों के माध्यम से अदालतों में पैरवी करेगी ताकि गंभीर अपराधों में शामिल रहे बदमाशों की जमानत रद्द कराई जा सके।
साइबर अपराध और संगठित गिरोहों पर विशेष नजर
समीक्षा बैठक में 'साइ-वज्र' अभियान के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक थाना प्रभारी को कम से कम 10 साइबर मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा, फ्रॉड मोबाइल नंबरों, म्यूल अकाउंट्स और साइबर हॉटस्पॉट की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का जोर आम जनता को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करने पर भी है।
संगठित अपराध करने वाले गिरोहों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111 और 112 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, अपराध के जरिए अर्जित की गई अवैध संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि मोहल्लों और कॉलोनियों में सक्रिय असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
महिला सुरक्षा और श्रावण माह की तैयारियां
आगामी श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी पुलिस ने कमर कस ली है। मंदिरों, कांवड़ मार्गों और गंगा घाटों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और पुलिस सहायता केंद्रों की तैनाती की जाएगी। यातायात सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल-कॉलेजों के पास एंटी-रोमियो स्क्वाड को सक्रिय किया जाएगा और शैक्षणिक संस्थानों को अपने परिसरों में सीसीटीवी लगाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
पुलिस कमिश्नर ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी जांच रिपोर्ट 60 से 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करें। ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, सभी थाना प्रभारियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!