उदयपुर फाइनेंसर हत्याकांड: मारपीट का वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट बनी आधार, तीन आरोपी गिरफ्तार
उदयपुर के ओस्तवाल नगर में 4 दिन पहले फाइनेंसर की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस ने मारपीट के लाइव वीडियो और डॉक्टर्स से बातचीत के बाद फाइनेंसर की बॉडी से मिले चोट के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ओस्तवाल नगर में हुई थी वारदात
उदयपुर के ओस्तवाल नगर इलाके में चार दिन पूर्व हुई फाइनेंसर सागरमल मेहता की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्थानीय पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई घटना के बाद से ही जारी गहन जांच और साक्ष्यों के संकलन के बाद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की मौत का कारण उनके साथ की गई बर्बर मारपीट थी। जांच अधिकारी डीएसपी छवि शर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को आधार बनाया है। आरोपियों की पहचान प्रवीण सिंह आसोलिया, अनुराग और महेश प्रताप सिंह के रूप में की गई है।
वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट से खुले राज
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मारपीट का वह वीडियो बना, जो घटना के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में साफ तौर पर आरोपियों को बुजुर्ग फाइनेंसर के साथ लात-घूंसों से मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने इस वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है, जो कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ सबसे मजबूत सबूत साबित होगा।
इसके अलावा, पुलिस ने मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों से भी विस्तृत चर्चा की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सागरमल मेहता के सिर और फेफड़ों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो उनकी मौत का तात्कालिक कारण बनीं। डॉक्टरों की राय और शरीर पर मिले चोट के निशानों ने पुलिस के इस दावे को पुख्ता कर दिया कि मौत मारपीट के कारण ही हुई थी।
सेटबैक छोड़ने को लेकर था पुराना विवाद
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा विवाद मकान के सेटबैक छोड़ने को लेकर उपजा था। पीड़ित और आरोपी पड़ोसी थे और पिछले काफी समय से उनके बीच निर्माण संबंधी नियमों को लेकर खींचतान चल रही थी। मंगलवार को इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने सागरमल मेहता और उनके बेटे राहुल मेहता पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान बुजुर्ग सागरमल मेहता को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे बच नहीं सके। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने भी सख्त रुख अपनाया। प्राधिकरण ने आरोपियों के अवैध निर्माण को चिन्हित कर उसे ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संदेश देने के लिए की गई कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया था।
फिलहाल, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले में कोई और भी शामिल था या इसके पीछे कोई अन्य साजिश तो नहीं थी। डीएसपी छवि शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जांच के हर पहलू को बारीकी से परखा जा रहा है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!