बांदा आवासीय स्कूल में दो छात्रों की संदिग्ध मौत: प्रबंधक फरार, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
बांदा के बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की मौत के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। विवेचक ने मृत छात्रों के परिजनों और विद्यालय में पढ़ने वाले उनके भाइयों के बयान दर्ज किए हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित बीएल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो छात्रों की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है, लेकिन स्कूल प्रबंधक और उनका बेटा घटना के बाद से ही फरार हैं।
क्या है पूरा मामला?
शहर कोतवाली क्षेत्र के झील का पुरवा इलाके में स्थित इस आवासीय विद्यालय में सोमवार को तीन छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बीमार छात्रों में कक्षा 6 का छात्र नितिन कुमार और कक्षा 2 का छात्र अरुण कुमार शामिल थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, कक्षा 4 का छात्र योगेश भी बीमार हुआ था, जिसे उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। परिजनों का आरोप है कि बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना नहीं दी और न ही उचित इलाज मुहैया कराया। साथ ही, स्कूल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक ओमप्रकाश और उनके बेटे सोनू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई और साक्ष्यों की तलाश
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर विपिन यादव ने बताया कि पुलिस ने मृत छात्रों के परिजनों और स्कूल में पढ़ने वाले उनके भाइयों के बयान दर्ज किए हैं। घटना के समय की परिस्थितियों को समझने के लिए मृतक अरुण के भाई उत्कर्ष और नितिन के भाई हर्ष से पूछताछ की गई है। पुलिस ने उस दुकानदार के भी बयान लिए हैं, जहां से स्कूल के छात्र बाहर से खाद्य सामग्री लेकर आए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी दुकान से खाने के नमूने लिए हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे दूषित भोजन एक कारण हो सकता है।
पुलिस की टीम जब स्कूल पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। प्रबंधक और उनके बेटे के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस अब अन्य गवाहों की तलाश कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
शिक्षा विभाग का रुख
घटना के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। बीएसए अव्यक्त राम ने स्पष्ट किया है कि प्रबंधक के फरार होने के कारण नोटिस का जवाब नहीं मिल पाया है। अब विभाग नियमानुसार दो और नोटिस जारी करेगा। यदि इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आता है, तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रबंधन ने पूर्व में अपने बचाव में कहा था कि यदि भोजन खराब होता तो अन्य छात्रों की भी तबीयत बिगड़ती, हालांकि अब उनकी अनुपस्थिति ने संदेह को और गहरा कर दिया है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!