सीहोर में दर्दनाक हादसा: बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत
सीहोर जिले के इछावर में बारिश के बाद पानी से भरा एक गहरा गड्ढा तीन बच्चों के लिए मौत का कारण बन गया। मोगरा रोड पर खेलते-खेलते पहुंचे तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

इछावर क्षेत्र में पसरा मातम
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। इछावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोगरा रोड पर बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की असामयिक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान 12 वर्षीय प्रशांत, 10 वर्षीय पृथ्वीराज और 11 वर्षीय दीक्षांत के रूप में की गई है। इनमें से दो बच्चे सगे भाई बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
खेलते-खेलते गड्ढे में उतरे बच्चे
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब एक बजे ये तीनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे मोगरा रोड स्थित एक गहरे गड्ढे के पास पहुंच गए। हाल ही में हुई बारिश के कारण यह गड्ढा पानी से लबालब भरा हुआ था। बच्चों ने नहाने के इरादे से गड्ढे में उतरने का निर्णय लिया, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह निर्णय उनके लिए जानलेवा साबित होगा।
गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण बच्चे गहरे पानी में फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें पानी की सतह पर बच्चों के शव तैरते हुए दिखाई दिए।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को गड्ढे से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में जिम्मेदारों की तलाश कर रही है कि आखिर यह गहरा गड्ढा वहां क्यों था और सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सड़क किनारे इतने गहरे गड्ढे खुले छोड़े गए थे, जो किसी की जान ले सकते हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह गड्ढा किस कार्य के लिए खोदा गया था।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर खुले गड्ढों और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में इस तरह के गड्ढे अक्सर जानलेवा साबित होते हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन को ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर उन्हें तुरंत भरवाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी और घटना की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं और पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!