ठाणे में डेंगू का कहर: 17 वर्षीय किशोर की इलाज के दौरान मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में गुरुवार को 17 साल के लड़के युग धामने की डेंगू से मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

ठाणे में डेंगू से किशोर की दुखद मौत
महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां डेंगू के संक्रमण ने एक 17 वर्षीय किशोर की जान ले ली। मृतक की पहचान युग धामने के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। किशोर की मौत के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युग धामने को 12 सितंबर को तेज बुखार की शिकायत हुई थी। परिवार ने तुरंत उसे स्थानीय डॉक्टर के पास दिखाया, जहां शुरुआती जांच में ही उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। डेंगू के लक्षण गंभीर होने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई थी।
अस्पताल में इलाज के दौरान बिगड़ी स्थिति
युग को 13 सितंबर को उल्हासनगर के गांधी नगर रोड स्थित गूंगी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन अगले दो दिनों में उसकी शारीरिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। 15 सितंबर को उसकी हालत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए कल्याण पश्चिम स्थित फोर्टिस अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
फोर्टिस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया। हालांकि, डेंगू के गंभीर संक्रमण के चलते गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पताल प्रशासन ने भी मौत की पुष्टि की है, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
किशोर की मौत के बाद स्थानीय पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इलाज में कोई लापरवाही हुई थी या डेंगू का संक्रमण बहुत अधिक बढ़ गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
इस घटना ने ठाणे और आसपास के इलाकों में डेंगू के खतरे को लेकर स्थानीय निवासियों को सतर्क कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग से मांग की जा रही है कि वे मच्छरों के पनपने वाले स्थानों पर फॉगिंग और साफ-सफाई के काम में तेजी लाएं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बाद डेंगू के मामलों में अक्सर बढ़ोतरी देखी जाती है। तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द और शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्व-उपचार से बचने और समय पर अस्पताल पहुंचने से ही जान बचाई जा सकती है।
फिलहाल, युग धामने के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतें। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!