श्रीगंगानगर में निकाय और पंचायत चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की लॉटरी कल, प्रशासन ने पूरी की तैयारियां
निकाय एवं पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। 13 अगस्त को जहां नगर परिषद सभापति और जिला प्रमुख पद के लिए लॉटरी निकाली गई थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

श्रीगंगानगर में चुनावी सरगर्मियां तेज: वार्ड आरक्षण की लॉटरी कल
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। जिला प्रशासन ने चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकालने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया सोमवार को श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी, जिसके माध्यम से विभिन्न वार्डों के लिए आरक्षित श्रेणियों का निर्धारण किया जाएगा।
लॉटरी की प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और शाम 5 बजे तक चलने की संभावना है। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले अनूपगढ़ नगर पालिका के वार्ड पार्षदों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद जिले के अन्य नगर निकायों और जिला परिषद वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया संपन्न होगी। इस पूरी कवायद का समापन सादुलशहर पंचायत समिति के सदस्यों की लॉटरी के साथ होगा।
आरक्षण का गणित और प्रमुख निकाय
श्रीगंगानगर नगर परिषद के लिए कुल 65 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इसमें एससी वर्ग के लिए 11, एसटी के लिए 1, ओबीसी के लिए 13 और अनारक्षित श्रेणी के लिए 40 वार्ड रखे गए हैं। एससी वर्ग में 7 ओपन और 4 महिला, जबकि ओबीसी में 9 ओपन और 4 महिला वार्ड शामिल हैं। अनारक्षित श्रेणी में 27 ओपन और 13 महिला वार्डों का आवंटन किया गया है।
जिले की अन्य नगर पालिकाओं में भी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। सूरतगढ़ नगर पालिका में 45 वार्ड, रायसिंहनगर में 35, और अनूपगढ़ में 35 वार्डों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके अतिरिक्त गजसिंहपुर, केसरीसिंहपुर, श्रीकरणपुर, श्रीविजयनगर, सादुलशहर, पदमपुर और घड़साना नगर पालिकाओं के लिए भी वार्डों का वर्गीकरण किया गया है, जिसमें संबंधित वर्गों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं।
प्रशासनिक तैयारी और चुनावी प्रक्रिया
इससे पहले 13 अगस्त को नगर परिषद सभापति और जिला प्रमुख के पदों के लिए लॉटरी निकाली जा चुकी है। अब वार्ड स्तर पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तस्वीर और अधिक साफ हो जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाली इस प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लॉटरी प्रक्रिया के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वार्डों के आरक्षण का यह निर्धारण आगामी चुनावों में उम्मीदवारों की दावेदारी और चुनावी रणनीति के लिए आधार बनेगा। स्थानीय निवासियों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें इस लॉटरी पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि किस वार्ड से कौन सा वर्ग चुनाव लड़ सकेगा।
लॉटरी प्रक्रिया के बाद आरक्षण की अंतिम सूची सार्वजनिक की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की चुनावी प्रक्रिया को गति दी जाएगी। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार रखें ताकि लॉटरी के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!