श्रीगंगानगर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: 3 साल से फरार 10 हजार का इनामी अफीम तस्कर महाराष्ट्र से गिरफ्तार
श्रीगंगानगर पुलिस ने 3 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी अफीम तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मनफूल उर्फ मनू को महाराष्ट्र के जलगांव जिले से पकड़ा गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तीन साल की फरारी के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
श्रीगंगानगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी मनफूल उर्फ मनू पिछले तीन वर्षों से कानून की पकड़ से दूर था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस की विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे महाराष्ट्र के जलगांव जिले से धर दबोचा।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में वांछित और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। आरोपी मनफूल, जो जोधपुर जिले के छितरबेरा स्थित तेजानियों की ढाणी का निवासी है, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में फरार चल रहा था। पुलिस लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
तकनीकी सर्विलांस और ग्राहक बनकर बिछाया जाल
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित सदर थाना पुलिस की टीम ने सबसे पहले उसके पैतृक पते भोजासर पर दबिश दी, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया, जिससे उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के जलगांव जिले की चालीसगांव तहसील के मेहुणबारे गांव में ट्रेस हुई। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर स्थानीय स्तर पर गुप्त रूप से जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी वहां अपनी पहचान बदलकर भारत गैस से संबंधित कार्यों में संलिप्त है। पुलिस टीम ने बेहद चालाकी से आरोपी तक पहुंचने के लिए ग्राहक बनकर उससे संपर्क साधा। जब उसकी पहचान और सटीक ठिकाने की पुष्टि हो गई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज था मामला
पकड़ा गया आरोपी मनफूल एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 और 29 के तहत दर्ज प्रकरण संख्या 402/2023 में नामजद है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए छद्म नाम का उपयोग कर रहा था। पुलिस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए काफी धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया।
इस पूरी कार्रवाई में सदर थाना पुलिस की विशेष टीम के साथ हैड कॉन्स्टेबल सत्यनारायण और कॉन्स्टेबल रोहिताष की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उसके पिछले तीन वर्षों के क्रियाकलापों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
आरोपी को महाराष्ट्र से श्रीगंगानगर लाया जा रहा है, जहां उसे स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान उससे मादक पदार्थों की तस्करी के अन्य संपर्कों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!