श्रीगंगानगर: 17 लाख के साइबर फ्रॉड में सिटी यूनियन बैंक का असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज से खोला था खाता
श्रीगंगानगर में 17 लाख 71 हजार 480 रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में सिटी यूनियन बैंक के सहायक प्रबंधक सहित दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने जाली डॉक्यूमेंट बनाकर फर्जी बैंक अकाउंट खोला और उसे साइबर फ्रॉड में यूज किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फर्जी दस्तावेज तैयार कर साइबर अपराधियों की मदद करने का आरोप
राजस्थान के श्रीगंगानगर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें सिटी यूनियन बैंक के एक असिस्टेंट मैनेजर की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने बैंक अधिकारी सहित दो लोगों को 17.71 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक खाता खुलवाया था, जिसका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम हासिल करने के लिए किया गया।
मामले की शुरुआत घड़साना निवासी मुकेश कुमार की शिकायत से हुई। मुकेश शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2026 में उन्हें फेसबुक पर 'सोनी शर्मा' नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा तो युवती ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का झांसा दिया और एक संदिग्ध वेबसाइट का लिंक भेजा। विश्वास में आकर मुकेश ने अलग-अलग किस्तों में 17.71 लाख रुपये निवेश कर दिए, जो बाद में ठगी का शिकार हो गए।
बैंक अधिकारी की मिलीभगत से खुला फर्जी खाता
पुलिस जांच में पता चला कि इस पूरी ठगी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। सिटी यूनियन बैंक के असिस्टेंट मैनेजर शुभम फरक्या ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक फर्जी वोटर कार्ड तैयार किया। इस कार्ड में स्कैन और कट-पेस्ट तकनीक का उपयोग किया गया था। इसी फर्जी पहचान पत्र के आधार पर अजमेर शाखा में एक बचत खाता खोला गया। बैंक अधिकारी ने खुद ही खाता खोलने वाले फॉर्म पर फर्जी हस्ताक्षर किए और किसी अन्य व्यक्ति की फोटो का इस्तेमाल किया।
जांच में यह भी सामने आया कि खाता खोलने के बाद उसमें सुभांशु ठाकरिया नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर लिंक किया गया था। बैंक के भीतर से मिली इस मदद के बाद, आरोपियों ने यह खाता गोरधन उर्फ राहुल चौधरी नामक व्यक्ति को मात्र 12 हजार रुपये में बेच दिया। इस खाते का उपयोग साइबर ठगों ने पीड़ित से लूटी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद सोमवार को सिटी यूनियन बैंक के असिस्टेंट मैनेजर शुभम फरक्या, जो मूल रूप से मंदसौर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं, और किशनगढ़ (अजमेर) निवासी सुभांशु ठाकरिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, राहुल चौधरी ने इस खाते के माध्यम से 1.65 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाली थी, जिसमें से एक लाख रुपये नकद एटीएम से निकाले गए थे।
वर्तमान में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इस तरह की अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके। साइबर थाना पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक के अंदरूनी तंत्र का दुरुपयोग कर साइबर अपराध को अंजाम देना एक गंभीर विषय है, जिस पर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!