सोनीपत पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: 16 साल से फरार चल रहा शातिर अपराधी गिरफ्तार
सोनीपत पुलिस की क्राइम यूनिट खरखौदा ने 16 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी (PO) को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान यूनुस, निवासी गांव आलीमेव (जिला पलवल) के रूप में हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

16 साल बाद कानून के शिकंजे में आया आरोपी
सोनीपत पुलिस की क्राइम यूनिट खरखौदा ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 16 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पलवल जिले के आलीमेव गांव निवासी यूनुस के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था और विभिन्न ठिकानों पर छिपकर रह रहा था।
यह गिरफ्तारी पुलिस की तकनीकी जांच और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर संभव हो सकी। आरोपी पर वर्ष 2010 में एक ट्रक ड्राइवर को बंधक बनाकर लूटपाट करने और माल से लदा ट्राला लूटने का गंभीर आरोप था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या था 2010 का पूरा मामला
घटना 5 जनवरी 2010 की रात की है, जब फरीदाबाद निवासी सुखबीर अपने ट्रक-ट्राले में सरिया और लोहा लादकर चंडीगढ़ की ओर जा रहा था। रात करीब 1:30 बजे जब वह कुंडली बॉर्डर के पास अपनी गाड़ी के टायर की हवा चेक करने के लिए रुका, तभी कुछ बदमाशों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने कागजात देखने के बहाने ड्राइवर को नीचे उतारा और उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
अपराधियों ने पीड़ित को रजाई से ढक दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान बदमाशों ने ड्राइवर से 9 हजार रुपये नकद, एक सोने की अंगूठी और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद आरोपी माल से लदा ट्रक लेकर मौके से फरार हो गए। अगली सुबह करीब 5 बजे बदमाशों ने पीड़ित को होडल के पास सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से भाग निकले।
पुलिस की लंबी जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका
इस वारदात के बाद थाना कुंडली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच टीम ने उस समय सक्रियता दिखाते हुए मामले में शामिल आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया। हालांकि, यूनुस पुलिस की पकड़ से दूर रहा और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर फरार चल रहा था।
लंबे समय तक फरार रहने के कारण उसे घोषित अपराधी (PO) घोषित कर दिया गया था। क्राइम यूनिट खरखौदा की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश जारी रखी। अंततः पुलिस को कामयाबी मिली और आरोपी को दबोच लिया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत के समक्ष पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में फरार चल रहे अन्य पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी डेढ़ दशक से अधिक समय से कानून से बच रहा था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!