सोनीपत: फैक्ट्री में गर्म केमिकल से झुलसे कर्मचारी की मौत, 7 महीने बाद सीएम कार्यालय के दखल पर दर्ज हुआ केस
सोनीपत जिले के खरखौदा में जटोला रोड पर स्थित रियल प्लाई इंडस्ट्रीज में एक घटना हुई। यहां ड्यूटी के दौरान गर्म केमिकल गिरने से रेजिन ऑपरेटर धर्मनाथ यादव गंभीर रूप से झुलस गए थे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सात महीने बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के करीब सात महीने बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जटोला रोड पर स्थित रियल प्लाई इंडस्ट्रीज में काम करने वाले एक रेजिन ऑपरेटर की गर्म केमिकल की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में की गई शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश के भदोही निवासी धर्मनाथ यादव पिछले 11-12 वर्षों से उक्त फैक्ट्री में रेजिन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। 14 मार्च को जब वे ड्यूटी पर थे, तब केमिकल युक्त रेजिन तैयार करते समय अचानक उसमें उबाल आ गया। इस दौरान लगभग 115 से 125 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला खौलता हुआ केमिकल उनके शरीर पर गिर गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
हादसे के तुरंत बाद घायल धर्मनाथ यादव को गंभीर अवस्था में पीजीआईएमएस रोहतक ले जाया गया। वहां कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 20 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने से उन्हें न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा।
मृतक की पत्नी प्रमिला देवी ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे और कर्मचारियों को पीपीई किट जैसी बुनियादी सुरक्षा उपकरण भी मुहैया नहीं कराए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इतने वर्षों तक काम करने के बावजूद उनके पति को न तो पहचान पत्र दिया गया था और न ही ईपीएफओ या ईएसआई जैसी कोई सामाजिक सुरक्षा सुविधा प्रदान की गई थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
पीड़िता को डर था कि फैक्ट्री प्रबंधन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई थी। उन्होंने फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक आलोक अग्रवाल और निदेशक आशीष अग्रवाल उर्फ जॉनी बाबू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और अटेंडेंस रजिस्टर को जब्त करने की भी अपील की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद खरखौदा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने 2 सितंबर को बीएनएस की धारा 106 के तहत एफआईआर संख्या 492 दर्ज की है। जांच अधिकारी का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फैक्ट्री में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था। इस मामले ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का मुद्दा उठा दिया है। फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!