सोनीपत में बिजली विभाग का कर्मचारी 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, मीटर और खंभा लगवाने के नाम पर वसूले थे लाखों
एसीबी सोनीपत की टीम ने कार्रवाई करते हुए यूएचबीवीएन बहालगढ़ में एचकेआरएनएल के माध्यम से कार्यरत एएलएम को ₹2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में यूएचबीवीएन के एक क्लर्क और एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बिजली कनेक्शन के नाम पर वसूली का खेल
हरियाणा के सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बहालगढ़ स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) कार्यालय में कार्यरत एक एएलएम (ALM) को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने बिजली मीटर लगवाने और खंभा स्थापित करने के एवज में शिकायतकर्ता से मोटी रकम की मांग की थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 32 वर्षीय प्रेम के रूप में हुई है, जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से विभाग में तैनात था। शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी गई जानकारी में बताया कि उसे अपने ट्रे फार्म के लिए बिजली कनेक्शन और खंभे लगवाने थे, जिसके लिए आरोपी ने कुल 7 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पहले भी लिए थे 5 लाख रुपये
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने काम पूरा करने के नाम पर शिकायतकर्ता से पहले ही 5 लाख रुपये की राशि ऐंठ ली थी। इसके बाद भी काम को लंबित रखकर उसने 2 लाख रुपये की और मांग की। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी सोनीपत से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायत के आधार पर एसीबी ने एक विशेष टीम का गठन किया और जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी प्रेम को रिश्वत के 2 लाख रुपये सौंपे, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत रोहतक स्थित एसीबी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्लर्क और अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में
इस पूरे मामले में केवल एएलएम ही नहीं, बल्कि बिजली निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शक के घेरे में आ गए हैं। प्रारंभिक जांच में बहालगढ़ कार्यालय के एक क्लर्क और एक अन्य अज्ञात कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। एसीबी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत की इस राशि में अन्य लोगों की कितनी हिस्सेदारी थी।
एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि अभी अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता पुख्ता होती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई और पूछताछ
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी प्रेम से पूछताछ जारी है। एसीबी यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या उसने पहले भी इसी तरह अन्य लोगों से अवैध वसूली की है। विभाग के भीतर चल रहे इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसीबी की टीम अब रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है।
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में छोटे-छोटे कामों के लिए भी इस तरह की रिश्वतखोरी आम हो गई है। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मामले के अन्य आरोपी भी कानून की गिरफ्त में होंगे।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!