सीवान: सरकारी बैठक से नदारद रहने वाले 5 थानाध्यक्षों पर गिरी गाज, एसपी ने काटा वेतन
सीवान पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के पांच थानाध्यक्षों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है। सरकारी समीक्षा बैठक से बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने पर यह कार्रवाई की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीवान जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर पुलिस अधीक्षक ने एक सख्त कदम उठाया है। जिले के पांच अलग-अलग थानों के प्रभारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब ये अधिकारी एक महत्वपूर्ण सरकारी समीक्षा बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अनुपस्थित पाए गए।
समीक्षा बैठक में गैरहाजिरी पर एक्शन
मामला समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित आर्म्स एक्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक से जुड़ा है। इस बैठक में जिले के सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, बैठक के दौरान जब उपस्थिति दर्ज की गई, तो दरौली थाना के थानाध्यक्ष अभिनव दुबे, बड़हरिया के छोटन कुमार, जीबी नगर के राजेश कुमार सिंह, सिसवन के चितरंजन कुमार और चैनपुर थाना के विजय रंजन नदारद मिले।
पुलिस अधीक्षक ने इन पांचों थानाध्यक्षों की अनुपस्थिति को गंभीर अनुशासनहीनता माना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों और समीक्षा बैठकों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के चलते सभी पांचों अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया है।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
वेतन कटौती की कार्रवाई के साथ ही, बैठक में आर्म्स एक्ट के लंबित मामलों पर गहन चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक कांड की वर्तमान स्थिति, अनुसंधान की प्रगति और अभियुक्तों की गिरफ्तारी से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि साक्ष्यों को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
बैठक के दौरान लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी सरकारी बैठक से बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने पर और भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस महकमे में सख्त संदेश
इस कार्रवाई को जिले के पुलिस महकमे में अनुशासन बनाए रखने के एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि पुलिसिंग में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के कदम आवश्यक हैं। थानाध्यक्षों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने की हिदायत दी गई है।
जिले में बढ़ते अपराधों और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में लंबित मामलों की सूची तैयार करें और उनके त्वरित निष्पादन के लिए कार्य योजना बनाएं।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। यह घटना स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में पुलिस प्रशासन सरकारी बैठकों और विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!